मुख्यमंत्री के निरीक्षण को लेकर सभी सरकारी विभागों में युद्ध स्तर पर चल रहा है काम, जिला अस्पताल में दवाइयों के अकाल को नजरअंदाज कर सीएमएस साहब व्यस्त हैं अस्पताल इमारत के रंग व रोगन में | New India Times

फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ बहराइच (यूपी), NIT:

मुख्यमंत्री के निरीक्षण को लेकर सभी सरकारी विभागों में युद्ध स्तर पर चल रहा है काम, जिला अस्पताल में दवाइयों के अकाल को नजरअंदाज कर सीएमएस साहब व्यस्त हैं अस्पताल इमारत के रंग व रोगन में | New India Times

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महीने के आखिर में जनपद के निरीक्षण किये जाने की संभावना के बाद जिले के आला अधिकारी सीएम के सामने सब कुछ दुरुस्त रखने की कवायद में जुट गये हैं, वह चाहे जिले का कलेक्टर आफिस हो या अन्य काय॔लय हो, इसी क्रम में कलेक्टर आफिस सहित जिला अस्पताल में जोर शोर से रिपेयरिंग का काय॔ चल रहा है।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण को लेकर सभी सरकारी विभागों में युद्ध स्तर पर चल रहा है काम, जिला अस्पताल में दवाइयों के अकाल को नजरअंदाज कर सीएमएस साहब व्यस्त हैं अस्पताल इमारत के रंग व रोगन में | New India Timesजिले के कलेक्ट्रेट सहित सरकारी अस्पताल में दीवारों के रंग रोगन करने के साथ ही अस्पताल परिसर में काफी समय से उबड़ खाबड़ सडको व बदबूदार नालियों को ढकने का कार्य कार्य कराया जा रहा है। जिला अस्पताल में दवाइयों का अकाल पड़ा हुआ है। लेकिन सीएम साहब को कुछ नजर आ आये इसके लिए अस्पताल प्रशाशन दिन रात एक किये हुये है । मरीजों से ठीक से बात न करने वाले अस्पताल कर्मियों को तीमारदारों व मरीजो से बेहतर तरीके से पेश आने की हिदायत दी जा रही है। इन व्यवस्थाओं को देख जिला अस्पताल में परिजनों का कहना है कि काश ऐसी व्यवस्था हमेशा रहे।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण को लेकर सभी सरकारी विभागों में युद्ध स्तर पर चल रहा है काम, जिला अस्पताल में दवाइयों के अकाल को नजरअंदाज कर सीएमएस साहब व्यस्त हैं अस्पताल इमारत के रंग व रोगन में | New India Timesमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी 29 नवंबर को बहराइच दौरे पर आ सकते हैं। इस मामले में अभी मौखिक संदेश ही जिला प्रशासन को मिला है लेकिन तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। मुख्मयंत्री को कुछ भी अधूरा न मिले, व्यवस्थाएं चाक चौबंद हों इसकी कोशिश की जा रही है। रविवार को जिला अस्पताल, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की रंगाई-पोताई का कार्य तेजी से शुरू हुआ। अस्पताल परिसर में जो नालियां खुली हुई थीं। उन पर आनन-फानन में पत्थरों की ढलाई की जा रही है। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्क्क्त न हो इसके लिये भी अस्पताल कर्मियों को निर्देश दिये गये हैं।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article