अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT:

राजधानी भोपाल में डायल 108 एंबुलेंस के लावारिस मरीज को अस्पताल ले जाने से मना करने और हमीदिया अस्पताल में लावारिस मरीजों को रात बाहर फेंकवाने का उस समय सनसनीखेज खुलासा हुआ जब दो दिनों से सड़क पर पड़े एक 50 वर्षीय व्यक्ति को 108 एंबुलेंस ने अस्पताल ले जाने से मना कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार भोपाल के जवाहर लाल नेहरू हॉस्पिटल के सामने अजय मेडिकल स्टोर एंव विशाल मेडिकल स्टोर के बीच एक लगभग 50 वर्षीय आज्ञात व्यक्ति दो दिनों से गंभीर अवस्था में पड़ा हुआ था। खास बात यह कि थाना गौतम नगर और हॉस्पिटल चंद कदम की दूरी पर है लेकिन फिर भी कोई उसका सुध लेने वाला नहीं था ।
जब NIT सांवाददाता ने स्थानिय लोगों से बात की तो उनका कहना था कि यह व्यक्ति कल रात से ही यहाँ पड़ा हुआ था, हम लोगों ने सुबह कई बार 108 को फोन किया तब जाकर वह मौके पर पहुंचे और यह कह कर वापस लौट गये कि यह व्यक्ति लावारिस है, हम इसको उपचार के लिये हॉस्पिटल नहीं लेजा सकते क्यों कि हमें डॉक्टरों द्वारा मना किया जाता है कि लावारिस मरीज को मत लाया करो।स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इसका इलाज हो जाता तो शायद इस की जिंदगी बच सकती थी।
वहीं हमीदिया हॉस्पिटल के एक कर्मचारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि जब किसी लावारिस मरीज को 108 द्वारा हॉस्पिटल लाया जाता है तो मरीज को एडमिट कर लिया जाता है लेकिन रात के समय उसे हॉस्पिटल से बाहर फेंकवा दिया जाता है।
