समीर खान, दतिया (मप्र), NIT;
प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार का दौर जारी है। इस योजना का लाभ लेने के लिए पहले तो लोगों को भ्रष्टाचारियों को रिश्वत देनी पडती उसके बडी मुश्किल से स्वीकृति मिलती है तो फिर से भ्रष्टाचार का खेल शुरू हो जाता है। भ्रष्टाचार के कारण मकान कार निर्माण कार्य इतना घटिया तरीके से किया जाता है कि बहुत जल्द ही मकान जर्जर हो कर टपकने लगता है और बेचारा गरीब न घर का रह जाता है और न ही घाट का। ऐसा ही मामला मध्यप्रदेश के दतिया जिले में सामने आया है।
दतिया जिला के नुनबाहा पंचायत के अंतर्गत सिकंदरा गांव में एक वृद्ध महिला का प्रधानमंत्री आवास योजना द्वारा कुछ महीनों पहले मकान सरपंच और सचिव द्वारा बनाया गया था। अभी वर्षा नाम मात्र की हुई है और पूरा मकान के टपकने लगा है जिससे गरीब महिला परेशान व लाचार है। घर में सोने के लिए भी जगह नहीं है, पूरी छत से बूंदें टपक रही हैं और महिला का रो रो कर बुरा हाल है। सरपंच और सचिव पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं लेकिन कार्यवाही न होने से उनके हौसले बुलंद हैं। अब देखना यह है कि शासन प्रशासन उक्त महिला को क्या मदद देती है और भ्रष्टाचारियों पर किस से कार्यवाही करती है?
