रहीम शेरानी हिंदुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

स्थानीय जैन तीर्थ श्री ऋषभदेव बावन जिनालय स्थित श्री राजेंद्रसुरी ज्ञान मंदिर में संचालित श्री राजेंद्र जयंत पाठशाला के ग्रीष्मकालीन 45 दिवसीय सत्र का शनिवार को समापन हुआ। पुण्य सम्राट श्रीमद् विजय जयंतसेन सुरीश्वर जी महाराज साहेब की प्रेरणा व आशीर्वाद से आयोजित इस सत्र में बच्चों ने 9 हजार सामायिक की उत्कृष्ट आराधना कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
श्री संघ के रिंकु रुनवाल ने बताया कि 30 अप्रैल से 13 जून तक चले इस सत्र में 80 से अधिक बच्चों ने प्रतिदिन तीन घंटे से अधिक समय तक प्रभु पूजा, सामायिक एवं कठिन प्रतिक्रमण सूत्रों का अध्ययन किया। साथ ही जीवन मूल्यों और संस्कारों की शिक्षा भी दी गई। बच्चों द्वारा प्रतिदिन 200 से अधिक सामायिक करते हुए कुल 9 हजार सामायिक पूर्ण किए गए। प्रतिभा निखारने हेतु विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
पाठशाला के सफल संचालन में श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता सहित रमेश छाजेड़, रचित कटारिया, जयेश संघवी, प्रतीक मुथा, हार्दिक कोठारी एवं श्राविकाओं में कविता मेहता, सोनू पगारिया, सुषमा जैन, ममता संघवी का विशेष योगदान रहा। वहीं व्यवस्था में उल्लास जैन, अनिल रुनवाल, मुकेश लोढ़ा और हेमेंद्र संघवी ने सहयोग दिया।
समापन अवसर पर ज्ञानार्जन, नियम पालन, पच्चक्खाण एवं नियमित प्रतिक्रमण करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
उत्कृष्ट विद्यार्थी रहे अव्वल
बालिकाओं में नित्या, वंशिका व परी रुनवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अविशी गांधी, दर्शिका जैन, प्रिशा जैन व हिमानी जैन द्वितीय तथा चाहत रुनवाल, नियांशी जैन, क्रिशा संघवी, आशी देशलहरा, आरवी देशलहरा व धर्मी जैन तृतीय स्थान पर रहीं।
बालकों में रियांश रुनवाल, रिदम राठौर, चैत्य मुथा व नेविक रुनवाल प्रथम स्थान पर रहे। स्पर्श रुनवाल, अमन देशलहरा, विधान पगारिया व लाभांश राठौर द्वितीय तथा युग रुनवाल, मोक्ष कटारिया, चैत्य सकलेचा व दैविक राठौर तृतीय स्थान पर रहे।
रिंकु रुनवाल ने बताया कि अब वर्षभर प्रतिदिन शाम 8:15 से 9 बजे तक प्रतिक्रमण के पश्चात ज्ञान मंदिर में नियमित पाठशाला संचालित की जाएगी।

