अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
बिहार के विधानसभा चुनाव में जिस तरह भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री मोदी जी का चेहरा था उसी तरह यूपी चुनाव में भी भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री का कोई चेहरा पेश न करते हुये मोदी जी का चेहरा यूपी की जनता के सामने होगा। बिहार में मोदी जी के चेहरे पर नीतीश बाबू का चेहरा भारी पड़ा और यूपी में भी पूरी सम्भावना है की मोदी जी के चेहरे पर अखिलेश और राहुल गांधी का चेहरा भरी ही नहीं बहुत भारी पड़ेगा। इस प्रकार की जानकारी मध्यप्रदेश कांग्रेस की लीडर राशिदा मुस्तफा ने प्रेस रिलीज के माध्यम से व्यक्त की है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस द्वारा प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जेसे-जेसे चुनाव प्रचार का दौर यूपी विधानसभा मे शुरू हो गया है वेसे-वेसे चुनाव में मोदी जी की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है। अखिलेश यादव ने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है और लगातार मोदी सरकार पर हमला बोल रहे हैं और जनता से पूछ रहे हैं कि क्या अच्छे दिन आ गये ? वह बोल रहे हैं की केन्द्र की सरकार, यूपी के अच्छे कामों की बजट में नक़ल करने वाली है। वह चुनावी सभा में कह रहे हैं कि समाजवादी पार्टी चुनाव जीत रही थी अब कॉंग्रेस का साथ मिल गया तो भारी बहुमत से तीन सौ से ज्यादा सीट जीतेंगे। बिहार में कांग्रेस और नीतीश जी और लालू जी की पार्टी के गठबंधन ने विधानसभा चुनाव में भाजपा के मोदी जी को उखाड़ फेंका था। इस बार भी यूपी चुनाव में सपा और कांग्रेस का गठबंधन है। सपा सरकार के अखिलेश यादव के अच्छे कामों वाली सरकार का चेहरा है, वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और अखिलेश एक साथ चुनाव प्रचार कर विरोधियों की नींद उड़ा देंगे। दोनों रोड शो के साथ पत्रकार वार्ता कर अपने इरादे स्पष्ट करेंगे। बसपा तो दौड़ में ही नहीं लगती है, वह सपा-कांग्रेस का गठबंधन होने के साथ ही चुनावी दौड़ में काफी पीछे चली गयी है। यही हालत भाजपा की भी है जो नोटबंदी और आरक्षण जैसे गम्भीर मुद्दों से घिरी हुई है।
