नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
10 लाख करोड़ रुपए कर्ज़ का बोझ झेल रहे महाराष्ट्र में सरकार के अंदर और बाहर आर्थिक अपराध चरम पर है। कुंभ मंत्री गिरीश महाजन के भतीजे तनय अनंत महाजन और उसके सहयोगी नरेन्द्र तोताराम महाजन ने तीन करोड़ पांच लाख रुपए लेकर ठेकेदारों को 591 करोड़ रुपए के ठेकों की फर्ज़ी वर्क ऑर्डर थमा दी है। मंत्री गिरीश महाजन ने इस फ्रॉड के बारे में नासिक पुलिस कमिश्नर को सूचित किया। पीड़ित ठेकेदारों ने नासिक रोड़ पुलिस थाने में तीन शिकायतें दर्ज करी। पुलिस ने तनय और नरेन्द्र को गिरफ्तार किया है।

तीसरा आरोपी जामनेर से कोई कंप्यूटर ऑफसेट वाला बताया जा रहा है इस कांड में कुल 10 आरोपी हैं। कुंभ के इतिहास में ये पहली घटना है कि कुंभ मंत्री के भतीजे ने हि मंत्री जी को सब के सामने रुसवा कर दिया। गिरीश महाजन ने खुद को तनय से अलग कर विपक्षी नेता की भूमिका में प्रेस का सामना किया। देवेन्द्र फड़नवीस सरकार ने लाडली बहन योजना से एक करोड़ महिलाओं का नाम काटकर कुंभ के आयोजन के लिए 34 हजार करोड़ रुपया खड़ा किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह अफ़वाह फैलाई जा रही है कि कुंभ का कोई ऑडिट नहीं होता जब की सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि सरकारी तिजोरी से आयोजित किसी भी प्रोजेक्ट का हिसाब देना प्रशासन के लिए अनिवार्य है।

तुकाराम मुंढे को क्यों हटाया?
शासन ने आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव के तौर पर IAS तुकाराम मुंढे की नियुक्ति की जिसे देवेन्द्र फड़नवीस सरकार ने रद्द कर दिया। नासिक कुंभ के बजट का अधिकतम पैसा आपदा प्रबंधन विभाग से लिया गया है और आपदा प्रबंधन विभाग सीधे गृह मंत्रालय के मातहत आता है जो मुख्यमंत्री के पास है। महाराष्ट्र की जनता सवाल पूछ रही है कि देवेन्द्र फड़नवीस सरकार ने तुकाराम मुंढे को आपदा प्रबंधन विभाग में सचिव पद की नियुक्ति से क्यों हटाया ? विदित हो कि महाराष्ट्र कांग्रेस ने बीजेपी पर कुंभ प्रबंधन में 56% कमीशन के आरोप किए हैं।

