राकेश यादव, ब्यूरो चीफ, सागर (मप्र)NIT:

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय देवरी सेवा केन्द्र में तीन दिवसीय राजयोग शिविर का सोमवार की शाम को समापन समापन हो गया जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। समापन पर पर केंद्र प्रभारी बीके चंदा दीदी द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान पर प्रकाश पर डालते हुए कहा कि सभी लोगों को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर राज योग करना चाहिए।
क्योंकि उस समय परमात्मा जाग्रत रहता है और सभी की परमात्मा झोली भर देता हैं।
उन्होंने तनाव मुक्त जीवन जीने के टिप्स बताए।
ब्रह्म मुहूर्त में परमात्मा आते हैं। जो सोता है वह खो जाता है। ब्रह्म मुहूर्त में जागने से काया निरोगी रहती है और कई वर्षों तक मनुष्य में सोचने समझने की शक्ति बनी रहती है।
उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान के अंतर्गत स्व(आत्मा)की पहचान,परमात्मा का परिचय एवं कर्मों की गहन गति के परिवेश को गहराई से समझाया गया।राजयोग माना ही स्वयं को जानना।जब हम यह समझ लेते हैं कि मैं आत्मा इस सृष्टि चक्र में कितनी बार आई हूं,सांसारिक संबंध हमारे किए कर्मों के अनुसार मिले हैं और उन संबंधों में कभी सुख तो कभी दुख का पार्ट चलता है।जब मनुष्य इस बात को भली-भांति समझ लेता है तो उसके सारे प्रश्न समाप्त हो जाते हैं,इस धारणा को जब मनुष्य अपने जीवन में आत्मसात कर लेता है तो उसका जीवन चिंता मुक्त तनाव मुक्त हो जाता है।वह स्वयं को कर्ता(साक्षी)के रूप में अनुभव करता है और अपने हर कर्म को निष्काम भाव से करने लगता है इस प्रकार की जागृति जब मनुष्य के अंदर आ जाती है तो इसी “जागृति” को सरल शब्दों में तनावमुक्त जीवनशैली अर्थात राजयोग कहा जाता है।शिविर कार्यक्रम के अंतर्गत संस्था की वरिष्ठ बहनों द्वारा पारिवारिक संबंधों में कैसे मधुरता स्थापित की जाए इस विषय पर उद्बोधन दिया गया।
इस दौरान अस्सी वर्षीय भैया करोड़ी ताम्रकार ने परम पिता परमात्मा की महिमा बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति परमात्मा की भक्ति करता है उसे परमात्मा ही व्यक्ति को महान बना देता है। बड़ी संख्या में नागरिकों ने इस राजयोग शिविर का लाभ लिया एवं तनाव मुक्ति जीवन शैली के लिए स्वयं को प्रेरित किया।

