अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, विदिशा/भोपाल (मप्र), NIT:

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाली प्रेम बाई ग्राम सोनपुरा, जिला विदिशा निवासी विधवा महिला इन दिनों सरकारी प्रक्रिया की जटिलता के कारण परेशान हैं। महिला के खाते में पहले किसान सम्मान निधि की राशि नियमित रूप से आ रही थी, लेकिन अचानक राशि आना बंद हो गई।
महिला ने इस संबंध में पटवारी आशीष रोहिला से संपर्क किया। तो उनके द्वारा बताया गया कि पीएम किसान सम्मान निधि पोर्टल पर “Missing Information” के तहत जरूरी जानकारी अपडेट करने के बाद सम्मान निधि दोबारा शुरू हो सकती है।
महिला जब ऑनलाइन शॉप पर अपना विवरण अपडेट कराने पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि पोर्टल पर पति का आधार नंबर दर्ज करना अनिवार्य है। यही जानकारी महिला के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है।
दरअसल, महिला के पति का वर्ष 2006 में ही निधन हो चुका है, जबकि देश में आधार व्यवस्था वर्ष 2010 के बाद शुरू हुई। ऐसे में मृत पति का आधार नंबर उपलब्ध होना संभव नहीं है। महिला का कहना है कि इसी तकनीकी और प्रक्रियागत अड़चन के कारण वह किसान सम्मान निधि का लाभ दोबारा नहीं ले पा रही हैं।
महिला ने संबंधित अधिकारियों से अपनी परिस्थिति बताते हुए समाधान की मांग की, लेकिन कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हो सका। अब सवाल यह उठ रहा है कि ऐसे मामलों के लिए पोर्टल पर वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं है, ताकि उन विधवा महिला किसानों का लाभ न रुके जिनके पति का निधन आधार व्यवस्था शुरू होने से पहले ही हो चुका था।
पीड़ित महिला ने प्रशासन और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर पति के आधार नंबर की अनिवार्यता से उन्हें छूट देने तथा उनकी पीएम किसान सम्मान निधि पुनः शुरू कराने की मांग की है।

