अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
SIR और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर कांग्रेसी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर पैदल मार्च किया।
कांग्रेस कार्यकर्ता अरेरा हिल्स स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव करने आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, विधायक आरिफ मसूद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी द्वारा SIR और मतदाता सूची को लेकर उठाए गए सवालों पर निर्वाचन आयोग को जवाब देना चाहिए। पार्टी ने इन मुद्दों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। यह कांग्रेस के आरोप और राजनीतिक मांगें हैं; इनके संबंध में अलग-अलग पक्षों के दावों को तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि आरोप के रूप में देखना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग अंदाज में विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेता मुजाहिद सिद्दीकी और शावर खान एक व्यक्ति को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनाकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। मुखौटा पहने युवक के हाथों में हथकड़ी भी लगाई गई।
कांग्रेस नेताओं ने इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि ‘वोट चोरी’ के जरिए भाजपा की सरकार बनवाई गई। उनका कहना था कि ज्ञानेश कुमार कथित तौर पर सवालों के घेरे में आने के बाद भाग रहे थे, इसलिए उन्हें प्रतीकात्मक रूप से पकड़कर प्रदर्शन में लाया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि “ज्ञानेश कुमार को पुलिस को गिरफ्तार करना चाहिए।” हालांकि, यह कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आरोप और राजनीतिक मांगें हैं।

