अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
आज के दौर में जहां महंगे सामान मिलने पर कई लोग उसे अपना बनाने की कोशिश करते हैं, वहीं भोपाल के ई-रिक्शा चालक इमरान ख़ान ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर ओर सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार, इमरान ख़ान ई-रिक्शा लेकर जा रहे थे, तभी उन्हें रास्ते में लगभग 1.5 लाख रुपये कीमत का सैमसंग मोबाइल फोन मिला। आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं होने के बावजूद उन्होंने मोबाइल अपने पास रखने या बेचने का लालच नहीं किया। इमरान तुरंत मोबाइल लेकर पुलिस के पास पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने मोबाइल उसके वास्तविक मालिक, एक डॉक्टर, को सुरक्षित वापस सौंप दिया।
इमरान का कहना है कि “ईमानदारी ही इंसान की सबसे बड़ी दौलत है।” उनका मानना है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, सही रास्ता कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
इमरान की इस सराहनीय ईमानदारी से प्रभावित होकर एसीपी संतोष पटेल ने उन्हें “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान के तहत मेडल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर एसीपी ने कहा कि यदि व्यक्ति नशे से दूर रहता है तो उसका विवेक और निर्णय लेने की क्षमता सही बनी रहती है, जिससे समाज में ईमानदारी और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को बढ़ावा मिलता है।
इमरान ख़ान की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। यह संदेश देती है कि सच्ची दौलत धन-संपत्ति नहीं, बल्कि ईमानदारी, चरित्र और अच्छे संस्कार हैं।

