मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

देवी नगर, लोहारा परिसर में पिछले करीब एक वर्ष से नाली, गंदे पानी और कचरा प्रबंधन की समस्या बनी हुई है। बार-बार संबंधितों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से नागरिकों में नाराजगी है। सामाजिक कार्यकर्ता उमेश उपाध्ये पाटील ने प्रशासन से शिकायत कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
उमेश उपाध्ये पाटील के अनुसार, उनके घर के सामने स्थित दो मकानों के शौचालय-बाथरूम के पाइप टूटे हुए हैं। इन पाइपों को नाली से जोड़ने के लिए पिछले एक वर्ष से संबंधित जनप्रतिनिधियों से सहायता मांगी जा रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। गली का रास्ता संकरा होने के कारण एक ओर नाली और दूसरी ओर गंदे पानी का नाला है। ऐसे में छोटे सीमेंट पाइप के माध्यम से नाली को भूमिगत करने से समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
उन्होंने बताया कि शहर के अन्य क्षेत्रों में भूमिगत नालियों का निर्माण किया गया है, लेकिन देवी नगर में लंबे समय से चली आ रही इस मूलभूत समस्या पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
कचरा संकलन व्यवस्था पर भी सवाल

परिसर में कचरा प्रबंधन को लेकर भी उपाध्ये पाटील ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उनके पिता को कचरा संकलन वाहन में कचरा डालने से रोका गया और सड़क पर कचरा फेंकने की बात कही गई। उन्होंने सवाल किया कि यदि नागरिकों को कचरा वाहन में कचरा डालने की अनुमति नहीं दी जाती, तो वे कचरे का निपटारा कहां करें। उनका कहना है कि नियमित कचरा उठाव और उचित कचरा प्रबंधन नहीं होने से स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
उपाध्ये पाटील ने स्पष्ट किया कि उनकी शिकायत किसी राजनीतिक दल, नेता या जनप्रतिनिधि के खिलाफ व्यक्तिगत आरोप नहीं है। उन्होंने कहा कि यह जनता की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा विषय है और नाली, सड़क, स्वच्छता तथा कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं नागरिकों की आवश्यक जरूरत हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष से समस्या के समाधान की प्रतीक्षा करने के बाद अब आधिकारिक स्तर पर शिकायत की जा रही है। बांधकाम विभाग, मंत्रालय और यवतमाल नगर परिषद के आधिकारिक ई-मेल पर समस्या से संबंधित जानकारी और फोटो भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है।
उमेश उपाध्ये पाटील ने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले को राजनीतिक दृष्टिकोण से न देखते हुए अधिकारी मौके का निरीक्षण करें और नाली, गंदे पानी तथा कचरा प्रबंधन की समस्या का स्थायी समाधान करें। उन्होंने कहा कि किसी भी दल की सरकार या कोई भी जनप्रतिनिधि हो, नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है।

