अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:
स्थानीय तहसील भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित शौचालय की बदहाल स्थिति को लेकर कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों में नाराजगी व्याप्त है। आरोप है कि शौचालय की लंबे समय से नियमित साफ-सफाई नहीं होने के कारण वहां गंदगी फैली हुई है। दुर्गंध के बीच लोगों को मजबूरी में इसका उपयोग करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में फरियादी, अधिवक्ता और कर्मचारी आते हैं, लेकिन दूसरी मंजिल पर स्थित शौचालय की सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। शौचालय के समीप निबंधन विभाग भी स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं काश्तकार भूमि की खरीद-बिक्री संबंधी कार्यों के लिए आते हैं। इससे न केवल लोगों को असुविधा होती है, बल्कि संक्रमण फैलने की आशंका भी बनी रहती है।
लोगों का कहना है कि सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता पर विशेष जोर दे रही है, लेकिन तहसील जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय में ही शौचालय की दुर्दशा चिंताजनक है। उनका कहना है कि यदि नियमित रूप से साफ-सफाई और रखरखाव कराया जाए, तो इस समस्या का आसानी से समाधान हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने तहसील प्रशासन से शौचालय की तत्काल सफाई कराने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवश्यक मरम्मत कराकर इसे स्वच्छ और उपयोगी बनाने की मांग की है।
स्वच्छता पर सवाल, जिम्मेदार कब लेंगे संज्ञान?
तहसील आने वाले लोगों का कहना है कि स्वच्छ और व्यवस्थित शौचालय नागरिकों की मूलभूत सुविधा है। ऐसे में प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देते हुए नियमित निगरानी और प्रभावी साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि कर्मचारियों और आम नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सके।
इस संबंध में नवागत उप जिलाधिकारी संदीप कुमार त्रिपाठी ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देकर शौचालय की साफ-सफाई कराई जाएगी तथा नियमित सफाई व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

