मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
आमतौर पर सिगरेट पीना कभी शौक या स्टेटस सिंबल माना जाता था, लेकिन समय के साथ इसका चलन युवाओं में तेजी से बढ़ा है। अब कई युवा चाय या कॉफी के साथ सिगरेट पीना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, जुन्नारदेव नगर के मुख्य बाजार क्षेत्र की कई चाय की दुकानों पर 18 वर्ष से कम आयु के किशोरों को भी धड़ल्ले से सिगरेट बेची जा रही है, जबकि नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचना कानूनन प्रतिबंधित है।
बताया जाता है कि इन चाय दुकानों में गुटखा, पाउच, बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए संबंधित विभाग का वैध लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं है। जानकारों का कहना है कि लाइसेंस होने के बावजूद नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचना कानूनन अपराध है।
नगर में कुछ चाय की दुकानें शाम से लेकर देर रात तक हुक्का बार जैसी गतिविधियों का केंद्र बनी रहती हैं, जहां बड़ी संख्या में युवा चाय के साथ सिगरेट का सेवन करते दिखाई देते हैं। इनमें नाबालिगों की संख्या भी चिंताजनक बताई जा रही है।
ऐसे में संबंधित विभाग से मांग की जा रही है कि बिना लाइसेंस तंबाकू उत्पाद बेचने वालों तथा नाबालिगों को सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद उपलब्ध कराने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
गौरतलब है कि बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन कैंसर सहित कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। तंबाकू जनित रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे जनस्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

