बहादरपुर सूत मिल के 56 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की मांग को लेकर भोपाल में मजदूरों का प्रदर्शन, मंत्रालय को सौंपा ज्ञापन | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बहादरपुर सूत मिल के 56 करोड़ रुपये बकाया भुगतान की मांग को लेकर भोपाल में मजदूरों का प्रदर्शन, मंत्रालय को सौंपा ज्ञापन | New India Times

बुरहानपुर जिले की ऐतिहासिक बहादरपुर सहकारी सूत मिल के सैकड़ों पीड़ित मजदूरों को पिछले 28 वर्षों से लंबित बकाया राशि दिलाने की मांग को लेकर बुरहानपुर मज़दूर यूनियन के अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने वल्लभ भवन स्थित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। राजधानी में हुए इस प्रदर्शन से प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल रही।

वर्ष 1959 में स्थापित बहादरपुर सहकारी सूत मिल मध्य प्रदेश की प्रमुख सहकारी सूत मिलों में से एक थी, जिसने वर्षों तक सैकड़ों परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया। वर्ष 1998 में मिल बंद हो गई और 1999 में इसके लिए लिक्विडेटर नियुक्त किया गया। उस समय मिल पर लगभग 1.51 करोड़ रुपये की देनदारियां थीं, जो ब्याज सहित बढ़कर अब लगभग 56 करोड़ रुपये बताई जा रही हैं। इस राशि में भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी, पेंशन तथा अन्य बकाया भुगतान शामिल हैं। यूनियन का आरोप है कि मिल बंद होने के बाद मशीनों के पुर्ज़े गायब कर दिए गए और आज मिल खंडहर में तब्दील हो चुकी है, जबकि इस मामले में अब तक दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत में यूनियन अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह ने कहा कि वर्ष 1998-99 से बंद पड़ी बहादरपुर सूत मिल के सैकड़ों मजदूर पिछले 28 वर्षों से अपने वैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि न्याय की लड़ाई लड़ते-लड़ते लगभग 200 मजदूरों का निधन हो चुका है। उन्होंने कहा कि यदि इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों को विशेष मॉडल के तहत बकाया राशि का भुगतान किया जा सकता है, तो बुरहानपुर के मजदूरों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के परिवार वर्षों से आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रहे हैं और बार-बार मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।

प्रदर्शन के बाद ठाकुर प्रियांक सिंह, सूत मिल के श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों के साथ मंत्रालय पहुंचे और अधिकारियों को विस्तृत मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में मजदूरों के 56 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान सहित अन्य लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की गई।

यूनियन अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही बकाया भुगतान के संबंध में कोई ठोस एवं आधिकारिक निर्णय नहीं लेती है, तो बुरहानपुर मज़दूर यूनियन के बैनर तले सभी प्रभावित मजदूर अपने परिवारों के साथ भोपाल में अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

ठाकुर प्रियांक सिंह लंबे समय से मजदूर हितों की आवाज उठाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में टेक्सटाइल प्रोसेसिंग इकाइयों के मजदूरों के लिए वेतन वृद्धि, नियमित वेतन भुगतान, संविदा श्रमिकों की समस्याओं और कार्यस्थलों की सुविधाओं को लेकर कई आंदोलन किए गए हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर वेतन संशोधन के पक्ष में आदेश भी प्राप्त किए, जिससे हजारों मजदूरों को लाभ मिला। इसके अलावा उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट पर अनेक प्रदर्शन, ज्ञापन और विभिन्न श्रम संगठनों के साथ समन्वय कर मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लगातार जारी रखी है।

इस अवसर पर भोपाल के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बुरहानपुर मज़दूर यूनियन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। यूनियन ने कहा कि जब तक बहादरपुर सूत मिल के मजदूरों को उनका वर्षों से लंबित बकाया और न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ संघर्ष जारी रहेगा। सैकड़ों प्रभावित परिवारों की निगाहें अब मध्य प्रदेश सरकार के निर्णय पर टिकी हैं।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.