नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर एक मज़ेदार बात सामने आई है। जलगांव के जामनेर में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने स्मार्ट बिजली मीटर के ख़िलाफ़ प्रतिरोध आंदोलन किया ठीक उसी समय जामनेर मार्केट की दुकानों में संबंधित व्यवस्था द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे थे। सूत्रों ने बताया कि बिजली ग्राहकों को ऐसी धमकियां मिल रही है कि अगर स्मार्ट मीटर नहीं लगाया तो 17 हजार का जुर्माना देना पड़ेगा। कुछ दिन पहले बिजली बोर्ड ने सोशल मीडिया पर स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को लेकर 48 घंटे की मियाद वाला धमकी टाइप मैसेज वायरल किया। इस मैसेज से जनता के बीच डर और तनाव का माहौल फैलने लगा। कोंकण मुंबई इलाके में MNS ने स्मार्ट मीटर की जबरदस्ती के ख़िलाफ़ जमकर बवाल किया।
जामनेर में MNS ने प्रतिरोध का प्रयास किया लेकिन NCP से ईर्ष्या के चक्कर में कांग्रेस को ख़त्म कर चुके सफेदा छाप मिट्ठू नेता अपने मोबाइल में पार्टी से झूठी वफादारी दिखाने तक सीमित रह गए। विदित हो कुछ महीने पहले ठेकेदार द्वारा घरेलू बिजली ग्राहकों की बिना अनुमती दीवारे फांद फांद कर स्मार्ट मीटर लगाए गए। इन मीटर्स की लूट से परेशान लोगों को अपनी घरों की छतों पर लाखों रुपया खर्च कर सोलर पैनल सेट करना पड़ा। स्मार्ट बिजली मीटर का ठेका अडानी का और सोलर का डीलर भी अडानी है।
मुख्यमंत्री का डबल गेम ?
स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं है अभी तो यह ग्राहक की अपनी मर्जी है कि वे स्मार्ट मीटर लगवाए अथवा नहीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का विधानसभा में दिया गया यह बयान जनता को अब स्मार्ट बिजली मीटर कंपनी के साथ मिलीभगत का हिस्सा लगने लगा है। स्मार्ट मीटर कंपनी नए नए पैंतरे इस्तेमाल कर पूरे महाराष्ट्र में जबरन स्मार्ट मीटर लगा रही है। जनता और बिजली बोर्ड का संघर्ष बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री को स्मार्ट मीटर की सख्ती को लेकर सरकार की भूमिका को स्पष्ट करना चाहिए।

