अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में एक समाचार पत्र द्वारा आयोजित समारोह में हिस्सा लेते हुए शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधारों का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने मेधावी छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और बिहार की शैक्षणिक विरासत को पुनर्जीवित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ज्ञान और प्रतिभा की भूमि है, जहां के छात्र देश-विदेश में अपनी क्षमता का लोहा मनवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोटा जैसे प्रमुख शिक्षा केंद्रों में भी पढ़ने और पढ़ाने वाले बड़ी संख्या में लोग बिहार से हैं, जबकि यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में भी बिहार के छात्र लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि बिहार में कभी नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालय थे। उन्होंने दावा किया कि अगले एक वर्ष के भीतर विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पुनर्स्थापित किया जाएगा, ताकि राज्य के गौरवशाली इतिहास को फिर से स्थापित किया जा सके।
शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उन्होंने कई घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि राज्य में 73 हजार स्कूल संचालित हैं, जिनकी गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। जुलाई से प्रत्येक प्रखंड में ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ के रूप में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा शिक्षा स्तर तैयार करना है, जहां कॉन्वेंट स्कूलों के छात्र भी इन सरकारी मॉडल स्कूलों में प्रवेश लेना चाहें।
इसके अलावा 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की योजना का भी उन्होंने जिक्र किया। छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं चलाई जा रही हैं, वहीं स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए चार लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर भी सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि राज्य में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करेगी। लड़कियों की सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी’ जैसी पहल का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने सभी को निर्भीक होकर शिक्षा ग्रहण करने का आह्वान किया।
हालांकि, विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना को लेकर की गई घोषणा पर अभी संशय बना हुआ है और यह देखना बाकी है कि यह वादा तय समयसीमा में कितना पूरा हो पाता है।

