नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

वाघूर मध्यम प्रोजेक्ट पर बीते 15 साल से 250 करोड़ की लागत से चल रहा लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट आज पूरे एक हजार करोड़ रुपए से ऊपर के खर्चे तक पहुंच गया है। बारा साल से गिरीश महाजन पूरे फ़िर अब आधे अधूरे सिंचाई विभाग के कैबिनेट मंत्री हैं। मंत्री जी के पोजीशन का कोई लाभ वाघूर लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट को तय समय सीमा में पूरा करने में नहीं हो पाया है।

2024 विधानसभा चुनाव के दौरान जामनेर पधारे देवेंद्र फडणवीस द्वारा 2029 विधानसभा के टिकट को लेकर दिए गए इशारे के बाद लिफ्ट के काम में कमाल की तेजी आई है। इसी काम से संबंधित 03 हजार कृषि सिंचाई तालाबों का निर्माण कार्य दिन- रात जारी है। देवेंद्र फडणवीस सरकार ने इस काम के लिए नाबार्ड से 400 करोड़ का ऋण उठाया है।

हैदराबाद की कोई पीवीआर कंपनी है जो कृषि विभाग से संलग्न फंड से गुट खेती के अंतर्गत जामनेर पाचोरा में बड़े बड़े तालाब बना रही है। वाघूर डैम से उठाया पानी पाइप से इन निर्माणाधीन तीन हजार तालाबों में डाला जाएगा। पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे के कारण जलगांव जिले के प्रत्येक ब्लॉक में छोटे छोटे तालाब बने जिनका किसानों को फायदा मिला है।
लेकिन MIDC में बड़े उद्योगों के अभाव के कारण किसानो मज़दूरों के बेटे बेटियां रोजगार के लिए मुंबई पुणे सूरत की ओर पलायन कर गए। 1999 में इमोशनल बनने के बजाय जामनेर की जनता ईश्वर जैन को विधायक बना देती तो आज जलगांव जिला विकसित भारत का अनूठा मॉडल बनकर उभरता।
गिरीश महाजन आने वाला विधानसभा चुनाव वाघूर लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट के नाम पर लड़ने जा रहे हैं। अगली रिपोर्ट में हम आपको वाघूर इरिगेशन डिपार्टमेंट के भीतर चलाए जा रहे अफसर और ठेकेदारी के सिंडीकेट के बारे में जानकारी देने का प्रयास करेंगे।

