चार माह की मेहनत रंग लाई: नेपाल से भटके युवक को परिवार से मिलाकर रायसेन ने पेश की मानवता की मिसाल | New India Times

तारिक़ खान, ब्यूरो चीफ, रायसेन (मप्र), NIT:

नेपाल से भटककर भारत पहुंचे एक युवक को आखिरकार उसके परिवार से मिलवा दिया गया। मध्यप्रदेश के रायसेन नगर में नेता प्रतिपक्ष एवं वार्ड क्रमांक 6 के पार्षद प्रभात चावला ने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर लगभग चार माह के सतत प्रयासों के बाद यह सराहनीय कार्य किया।

जानकारी के अनुसार, युवक नेपाल से भटककर रायसेन पहुंच गया था। वह ठीक से बोल नहीं पा रहा था। न उसे अपने घर का सही पता मालूम था, न ही मोबाइल नंबर याद था और न ही वह स्थानीय भाषा समझ पा रहा था। ऐसे में उसकी पहचान स्थापित करना और परिजनों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था।

प्रभात चावला ने तत्काल मामले की सूचना रायसेन पुलिस को दी। इसके बाद संयुक्त रूप से युवक के परिजनों की तलाश शुरू की गई। युवक की भाषा समझने के लिए भोपाल से कुछ नेपाली नागरिकों को बुलाया गया, लेकिन वे भी उसकी बात स्पष्ट रूप से समझ नहीं पाए।

इसके बाद तकनीक का सहारा लिया गया। गूगल की मदद से संभावित क्षेत्र की पहचान की गई तथा सोशल मीडिया के माध्यम से गांव और आसपास के लोगों से संपर्क साधा गया। लगातार प्रयासों के बाद अंततः नेपाल के जिला सर्लाही के पिंडारी गांव के एक व्यक्ति से संपर्क स्थापित हुआ। वहीं से युवक की पहचान की कड़ी जुड़ी और उसके परिवार तक सूचना पहुंच सकी।

जब परिजनों को पता चला कि उनका बेटा सुरक्षित है, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद युवक को सकुशल उसके परिवार से मिलवा दिया गया। मिलन के उस भावुक क्षण ने उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम कर दीं।

इस मानवीय कार्य की पूरे शहर में सराहना हो रही है। लोग प्रभात चावला को फिल्म Bajrangi Bhaijaan के नायक की तरह “रायसेन का बजरंगी भाईजान” कहकर संबोधित कर रहे हैं।

यह घटना बताती है कि यदि इरादे नेक हों और प्रयास सच्चे हों, तो चार माह की मेहनत अवश्य रंग लाती है। रायसेन में इंसानियत की यह मिसाल लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

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