वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत आयुष चिकित्सकों का संवेदीकरण कार्यक्रम शहर के एक निजी होटल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने की। इस अवसर पर कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद रावत एवं डिप्टी डीटीओ डॉ. नवीन गुप्ता भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने कार्यक्रम के उद्देश्य एवं टीबी उन्मूलन में आयुष चिकित्सकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
संवेदीकरण कार्यशाला में सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने टीबी नोटिफिकेशन, टीबी उपचार में नियमितता (ट्रीटमेंट एडहेरेंस) तथा टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर टीबी की पहचान, मरीजों की सही रिपोर्टिंग और उपचार की निरंतरता से ही टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में HLFPPT के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक (जेल एवं आयुष हस्तक्षेप) अंजुला सचान, जिला टीबी समन्वयक रजनी कुमारी, आयुष समन्वयक (टीबी) कपिल वर्मा तथा जेल समन्वयक (एचआईवी) श्रीकांत शुक्ला ने भी अपने-अपने विषयों पर जानकारी साझा की और आयुष चिकित्सकों को एनटीईपी के तहत उनकी जिम्मेदारियों से अवगत कराया।
यह कार्यक्रम HLFPPT द्वारा संचालित एस-शक्ति प्रोजेक्ट के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें टीबी उन्मूलन के लिए आयुष चिकित्सकों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया।

