आशिफ शाह, ब्यूरो चीफ भिंड (मप्र), NIT:
गांव एवं नगर क्षेत्र में गौचर भूमि मुक्त अभियान को लेकर जनजागरूकता तेज हो गई है। अभियान के तहत गौचर भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटाने तथा गोमाता के प्राकृतिक अधिकारों की रक्षा की मांग की जा रही है।
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि जिन लोगों ने गौचर भूमि को जोत लिया है या उस पर कब्जा कर लिया है, उन्होंने गोमाता से उसका अधिकार छीन लिया है, जो निंदनीय है। “गौचर भूमि मुक्त करो, गोमाता पर उपकार करो” के नारे के साथ प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
अभियान के अंतर्गत कई शासकीय सर्वेक्षण क्रमांक चिन्हित किए गए हैं, जिन पर अवैध कब्जे होने की बात कही जा रही है। इन सभी सर्वे नंबरों की जांच कर भूमि को पुनः गौचर उपयोग में लाने की अपील की गई है, ताकि बेसहारा गायों को खुले में कचरा खाने के लिए मजबूर न होना पड़े।
अभियान के संयोजक सज्जन सिंह यादव ने कहा कि गौचर भूमि केवल जमीन नहीं, बल्कि गोवंश के जीवन का आधार है। यदि समय रहते इसे मुक्त नहीं कराया गया, तो गोवंश की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। उन्होंने आमजन से भी इस अभियान में सहयोग करने तथा गौचर भूमि की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।

