शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक 29 जनवरी को तारामंडल स्थित बंटी मैरिज लॉन में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ला द्वारा किया गया।
बैठक में केंद्र सरकार से आगामी आम बजट में आमजन के साथ-साथ कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की गई। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि बढ़ती महंगाई, घटती क्रयशक्ति और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अब ठोस और निर्णायक कदम उठाया जाना आवश्यक है।
बैठक में सरकार के समक्ष निम्नलिखित बिंदुवार मांगें रखी गईं—
1. महंगाई भत्ता मूल वेतन में मर्ज किया जाए
वर्तमान में देय 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में समाहित किया जाए, जिससे वेतन संरचना यथार्थपरक हो और कर्मचारियों की क्रयशक्ति बढ़े।
2. आठवें वेतन आयोग की समय-सीमा तय की जाए
आठवें वेतन आयोग के गठन, कार्यकाल एवं उसकी संस्तुतियों को लागू किए जाने की स्पष्ट समय-सीमा घोषित की जाए।
3. आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3.86 किया जाए
बढ़ती महंगाई एवं जीवन-यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए फिटमेंट फैक्टर 3.86 निर्धारित किया जाए।
4. पेंशनरों को भी आठवें वेतन आयोग का लाभ मिले
वेतन आयोग की सभी संस्तुतियों का लाभ पेंशनरों को भी समान रूप से प्रदान किया जाए।
5. पेंशनरों के लिए आयु-आधारित अतिरिक्त महंगाई भत्ता लागू हो
65, 70, 75 एवं 80 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर पेंशनरों को अतिरिक्त महंगाई भत्ता दिए जाने की व्यवस्था की जाए।
6. पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए
नई पेंशन योजना (NPS) एवं एकीकृत पेंशन प्रणाली (UPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जाए।
7. कोरोना काल में निलंबित भत्ते बहाल किए जाएं
कोविड-19 काल के दौरान निलंबित किए गए सभी भत्तों को पूर्ण रूप से बहाल किया जाए।
8. नियमित भर्ती एवं समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित की जाए
रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की जाए तथा कर्मचारियों की पदोन्नति समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाए।
9. कैशलेस चिकित्सा सुविधा को सुदृढ़ किया जाए
आयुष्मान भारत एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा योजनाओं को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सरल बनाया जाए।
10. पेंशनरों की रेलवे किराया रियायत पुनः बहाल की जाए
बजट में पेंशनरों को मिलने वाली रेलवे किराया रियायत को पुनः बहाल करने का प्रावधान किया जाए।
बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि आगामी बजट में इन न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो कर्मचारी संगठनों को आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ेगा। परिषद ने सरकार से कर्मचारी-हितैषी बजट प्रस्तुत करने की अपील की।
बैठक में अशोक पांडेय, रूपेश कुमार श्रीवास्तव, मदन मुरारी शुक्ला, गोविंद जी, राजेश सिंह, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, अनिल द्विवेदी, राजेश मिश्रा, बंटी श्रीवास्तव, सौरभ श्रीवास्तव, इजहार अली, संतोष सिंह, मिथिलेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

