जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

इंदौर में कथित रूप से दूषित पानी पीने से 14 लोगों की मौत के बाद मामला गर्मा गया है। इस घटना को लेकर जब एक वरिष्ठ पत्रकार ने मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछा, तो उनके कथित “घंटा” वाले जवाब पर विवाद गहरा गया।
देखते ही देखते मंत्री के बयान के खिलाफ चारों ओर से विरोध के स्वर तेज हो गए और प्रदेश की राजनीति गरमा गई। मीडिया ने इसे गैर-संवेदनशील प्रतिक्रिया बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने अपने व्यवहार पर खेद जताते हुए माफी मांगी। वहीं विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया।
इसी कड़ी में मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस ने कैलाश विजयवर्गीय के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, भोपाल कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष संतोष कंसाना सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने घंटी बजाकर और नारेबाजी करते हुए कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पी.सी. शर्मा ने कहा कि इंदौर में 14 लोगों की मौत दूषित पानी के कारण हुई है, और ऐसे गंभीर सवाल पर मंत्री का “घंटा” जैसा जवाब बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने कहा कि सरकार इस घटना की जिम्मेदारी ले, प्रत्येक मृतक परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी दे, साथ ही कैलाश विजयवर्गीय को मध्यप्रदेश सरकार से इस्तीफा देना चाहिए।

