अशफ़ाक़ क़ायमखानी, सीकर/जयपुर (राजस्थान), NIT:
भाजपा ने लंबे समय से खाली पड़े महिला मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर नियुक्ति करते हुए राखी राठौड़ को कमान सौंप दी है। इस निर्णय को संगठन के भीतर महिला नेतृत्व को मजबूत करने के साथ-साथ जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी ने ऐसे नाम पर भरोसा जताया है, जो न केवल स्वीकृति योग्य है, बल्कि अंदरूनी खींचतान से भी काफी हद तक दूर माना जाता है।
राखी राठौड़ पेशे से अधिवक्ता हैं और भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता के रूप में सक्रिय चेहरा रही हैं। इससे पहले वे जयपुर ग्रेटर नगर निगम से वार्ड 61 की पार्षद रह चुकी हैं और उद्यान एवं पर्यावरण समिति की चेयरमैन भी रही हैं। संगठनात्मक अनुभव के साथ साथ उनकी प्रशासनिक समझ को भाजपा के निर्णय के पीछे की बड़ी वजह माना जा रहा है।
मृदुभाषी लेकिन धारदार वक्ता; भाजपा का संतुलित दांव; राठौड़ को ऐसा चेहरा माना जाता है जो आक्रामक राजनीतिक विमर्श में भी संयमित भाषा का इस्तेमाल करती हैं। पार्टी में महिला मोर्चा अध्यक्ष पद को लेकर राजपूत, ब्राह्मण और वैश्य समाज के नामों पर चर्चा चल रही थी, ऐसे में राखी राठौड़ पर सहमति बनना इस बात का संकेत है कि भाजपा टकराव से बचते हुए सहमति वाले नेतृत्व को आगे बढ़ाना चाहती है। यह नियुक्ति आगामी संगठनात्मक विस्तार और चुनावी तैयारियों के संदर्भ में भी अहम मानी जा रही है।
महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष रक्षा भंडारी को जिला अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से यह पद करीब 11 महीनों से खाली था। इस अवधि में मोर्चा गतिविधियों में सुस्ती देखी जा रही थी। नए नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्यकर्ताओं को दोबारा सक्रिय करना, बूथ स्तर तक महिला नेटवर्क को मजबूत करना और संगठनात्मक ऊर्जा को वापस लाना होगा।

