रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

केंद्र सरकार बहुचर्चित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का नाम बदलने जा रही है, जिसका जिला कांग्रेस ने पुरजोर विरोध किया है। कांग्रेस 21 दिसंबर को धरना प्रदर्शन कर इस निर्णय के खिलाफ विरोध प्रकट करेगी।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता साबिर फिटवेल और जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रांका ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को 100 दिनों का गारंटीकृत रोजगार प्रदान करती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में गरीबी कम करना और आजीविका सुरक्षा बढ़ाना है। यह योजना कांग्रेस की यूपीए सरकार ने 2005 में शुरू की थी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार, जो बीजेपी के नेतृत्व में है, योजना में राशि बढ़ाने के बजाय इसके नाम परिवर्तन में लगी हुई है। कांग्रेस इस निर्णय के विरोध में 21 दिसंबर को प्रातः 11 बजे स्थानीय बस स्टैंड पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन आयोजित करेगी।
इस धरना प्रदर्शन में पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया, वीर सिंह भूरिया, पूर्व विधायक जेवियर मेडा, वाल सिंह मेडा, जिला पंचायत अध्यक्ष सौनल भाबर, उपाध्यक्ष अकमल डामोर, प्रदेश कांग्रेस महासचिव निर्मल मेहता सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता उपस्थित रहेंगे।
जिला कांग्रेस ने जिले के समस्त नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष, जिला युवक कांग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन, महिला कांग्रेस, सेवादल, अल्पसंख्यक कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कांग्रेस, सामाजिक प्रकोष्ठ, आदिवासी कांग्रेस विभाग और समस्त सरपंच, जनपद प्रतिनिधि, पार्षद, पूर्व पार्षद सहित कांग्रेस के मोर्चा संगठन के अध्यक्ष, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं से धरना प्रदर्शन में भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।

