तपोवन पर तकरार : IIM नागपुर के प्रबंधन पर उठ रहे सवाल , कोर्ट से मिलेगी राहत ?? | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

तपोवन पर तकरार : IIM नागपुर के प्रबंधन पर उठ रहे सवाल , कोर्ट से मिलेगी राहत ?? | New India Times

नासिक सिंहस्थ अर्ध कुंभ 2027 का सारा खेल मेले के लिए आबंटित किए गए 25 हजार करोड़ रुपए के बजट के आसपास घूम रहा है। देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने कुंभ मंत्री नाम से एक असंवैधानिक पद का सृजन कर दिया है। 54 एकड़ में फैले तपोवन जंगल को सरकारी कुल्हाड़ी से बचाने के लिए हॉलीवुड फ़िल्म अवतार की स्क्रिप्ट जमीन पर नज़र आ रही है। अर्ध कुंभ का सारा का सारा आपदा प्रबंधन नागपुर IIM को सौंपा गया है। मेले के दौरान शहर के बाहरी और भीतरी यातायात की जिम्मेदारी MSIDC को दी जा चुकी है। मैनेजमेंट के सारे अनुबंध राज्य सरकार ने पहले से कर रखे है केवल देखरेख और तालमेल के लिए मंत्री गिरीश महाजन को तैनात किया गया है।

तपोवन पर तकरार : IIM नागपुर के प्रबंधन पर उठ रहे सवाल , कोर्ट से मिलेगी राहत ?? | New India Times

सैकड़ों साल से चलते आ रहे अर्ध कुंभ ने कभी प्रयागराज के पूर्ण कुंभ से प्रतियोगिता नहीं की है। मंत्रियों ने अपने विभागों की नाकामी छुपाने के लिए कभी कुंभ की धार्मिक आस्था का इस्तेमाल नहीं किया जो अब इस बार देवेन्द्र फडणवीस सरकार द्वारा किया जा रहा है। तपोवन के 2 हजार पेड़ हर रोज नासिक की हवा में शामिल 16 टन कार्बनडाई ऑक्साइड को सोखते है। साधू ग्राम बनाने की आड में तपोवन का कमर्शियल प्लान लीक होने के बाद मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने सीमित हस्तक्षेप की शातिराना नीति अपनाई है।

आस्था और विज्ञान के बीच संघर्ष पैदा कर सरकार के अहंकार की चेतना प्रज्वलित करने के लिए पर्यावरण के साथ की जा रही खिलवाड़ से जनता मे तीव्र नाराजगी है। भारत के बड़े बड़े शहरो में Air Quality Index गिरता जा रहा है। जहरीली हवा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अनेकों आदेशों में दिल्ली के लिए गैस चैंबर जैसी सख्त टिप्पणियां है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल को सांप सूंघ गया है। कुंभ की ज़िम्मेदारी संभाल रहे IIM नागपुर की खामोशी को सरकार की सम्मति मानकर कल कोर्ट किस को कठघरे में खड़ा करेगा इसका जवाब आनेवाला कल देगा।

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