मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:
मुंबई महानगर से प्रकाशित बच्चों की सुप्रसिद्ध मासिक पत्रिका गुल बूटे के तत्वावधान में तथा ऑल इंडिया खिलाफत कमेटी मुंबई के सहयोग से आयोजित होने वाला पाँचवाँ “जश्न-ए-बचपन” इस वर्ष 6, 7 और 8 जनवरी 2026 को मुंबई के ऐतिहासिक खिलाफत हाउस, भायखला में आयोजित होगा। आयोजन की तैयारियाँ इन दिनों अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं और आयोजक संस्थान गुल बूटे की पूरी टीम अंतर्मन और उत्साहपूर्वक कार्य में संलग्न है।
इस आयोजन के लिए देश-विदेश के प्रमुख बाल-साहित्य रचनाकारों और कवियों को औपचारिक आमंत्रण भेजा गया है। कार्यक्रम में “बच्चों का साहित्य—बच्चों के लिए और बच्चों द्वारा” इस विचार को व्यवहार में उतारने का पूर्ण प्रयास किया जाएगा।
बच्चों तक साहित्य की पहुँच सुनिश्चित करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए इस वर्ष शिक्षकों के लिए तीन विशेष सत्र तथा प्रशिक्षणरत शिक्षार्थी-शिक्षकों के लिए एक अतिरिक्त सत्र निर्धारित किया गया है। इनमें देश भर के अनुभवी साहित्यकार और बाल-साहित्य विशेषज्ञ अपने शोध, अनुभव और विचार प्रस्तुत करेंगे।
नई पीढ़ी में कहानी और कविता लेखन की रुचि विकसित करने हेतु प्रतिदिन पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक एक लेखन कार्यशाला भी आयोजित की जा रही है।
बच्चों की उर्दू मासिक पत्रिका गुल बूटे के संपादक आली जनाब फ़ारूक़ सैयद, जो लंबे समय से बाल-साहित्य के विकास और प्रसार में समर्पित भाव से सक्रिय हैं, उन्होंने “जश्न-ए-बचपन” को एक ऐसी रचनात्मक अभियान में बदल दिया है, जिसके माध्यम से विभिन्न आयु-वर्गों के लोग अपने भीतर के “बच्चे” को पुनः खोज पाते हैं।
इस वर्ष छह वर्ष से लेकर साठ वर्ष तक आयु के बच्चे—अपने-अपने कौशल और रचनात्मकता का प्रदर्शन करते दिखाई देंगे। गुल बूटे की ओर से इस बार बाल-साहित्य को नई प्रौद्योगिकी और टेक्नोलॉजी के माध्यम से व्यापक स्तर पर बच्चों तक पहुँचाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
आयोजक टीम गुल बूटे ने बाल-साहित्य रचनाकारों, कवियों तथा बच्चों से आग्रह किया है कि वे अपनी कहानी या कविता को वीडियो रूप में तैयार करके भेजें। चयनित वीडियो तीनों दिवस के कार्यक्रमों के दौरान बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि बच्चे साहित्य की दुनिया से एक सशक्त और आकर्षक मंच के माध्यम से परिचित हो सकें।जिन साहित्यकारों के लिए वीडियो तैयार करना कठिन हो, उनके लिए गुल बूटे की टीम तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन भी प्रदान करेगी।
जो बाल-साहित्य लेखक या कवि इस आयोजन में व्यक्तिगत रूप से सम्मिलित होना चाहते हैं, वे मात्र 2000 रुपये जमा कर के अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण राशि में तीन दिनों के रुकने (ठहराव) और भोजन-व्यवस्था का संपूर्ण प्रबंध आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
जनाब फ़ारूक़ सैयद का कहना है—
“हमारा उद्देश्य केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें साहित्य रचना, सीखने और अपनी अभिव्यक्ति को पूरे देश और विश्व तक पहुँचाने के लिए प्रेरित करना लक्ष्य है।”
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मोहम्मद शरीफ़
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