आनंदगढ़ में जन जागरण सभा सम्पन्न, रीवा जिले में शामिल किए जाने की मांग तेज | New India Times

मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

आनंदगढ़ में जन जागरण सभा सम्पन्न, रीवा जिले में शामिल किए जाने की मांग तेज | New India Times

मैहर जिले की अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मिशन रीवा संयुक्त संघर्ष समिति मुकुंदपुर द्वारा जन जागरण अभियान के तहत ग्राम पंचायत आनंदगढ़ में जनसभा का आयोजन किया गया।

आनंदगढ़ में जन जागरण सभा सम्पन्न, रीवा जिले में शामिल किए जाने की मांग तेज | New India Times

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत मुकुंदपुर, परसिया, आमिन, धोबहट, आनंदगढ़ एवं पपरा को मैहर जिले से अलग कर रीवा जिले में सम्मिलित किए जाने की मांग को लेकर संघर्ष समिति द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक रविवार को इन छह ग्राम पंचायतों में क्रमवार जन जागरण सभा आयोजित की जाएगी। इसी क्रम में विगत दिवस आनंदगढ़ में विशेष जनसभा का आयोजन हुआ।

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सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि रीवा की दूरी मात्र 15 से 20 किलोमीटर है, जबकि मैहर की दूरी 90 से 95 किलोमीटर पड़ती है। ऐसे में समय और आर्थिक दोनों दृष्टियों से रीवा में जुड़ना ग्रामीणों के लिए लाभकारी होगा। रीवा में कलेक्ट्रेट, संभागीय कार्यालय, अस्पताल और कॉलेज जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं।

वक्ताओं ने यह भी बताया कि वर्ष 1956 में मध्यप्रदेश के गठन से पूर्व जब यह क्षेत्र विंध्यप्रदेश था, तब आनंदगढ़ रीवा जिले की उप-राजधानी एवं तहसील हुआ करता था। साथ ही वर्ष 1952 में जब देश में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए, तब मुकुंदपुर को विधानसभा क्षेत्र बनाया गया था। उस समय ये सभी छह ग्राम पंचायतें रीवा जिले के अंतर्गत शामिल थीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कौशलेंद्र शरण शुक्ला, अध्यक्ष मिशन रीवा संयुक्त संघर्ष समिति मुकुंदपुर ने की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजमणि सिंह (एडवोकेट/सचिव), विनोद कुमार पांडे, शैलेंद्र सिंह, मृत्युंजय द्विवेदी (उपाध्यक्ष), मिजाजी लाल तिवारी (संरक्षक), चंडिकेश्वर सिंह तिवारी (कोषाध्यक्ष), कमलाकर पांडे (संरक्षक सदस्य) सहित सभी छह ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन कुंज बिहारी मिश्रा, सलाहकार मिशन रीवा संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा किया गया। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि जब तक हमारी छह ग्राम पंचायतों को मैहर जिले से अलग कर रीवा जिले में सम्मिलित नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर आमरण अनशन, चक्का जाम एवं रेल रोको आंदोलन भी किए जाएंगे।

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