अंकित तिवारी, ब्यूरो चीफ, प्रयागराज (यूपी), NIT:

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (10 अक्टूबर 2025) के अवसर पर प्रयागराज स्थित अस्तित्व साइकोलॉजिकल काउंसलिंग सेंटर द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस वर्ष का थीम था — “मन मायने रखता है: आओ, बात करके ठीक करें।” सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री बादल चटर्जी (पूर्व आयुक्त) ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने के लिए सभी क्षेत्रों में व्यापक कार्यक्रमों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है, किंतु जानकारी और सेवाओं की कमी के कारण यह अभी भी उपेक्षित है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और पूर्वांचल के सुप्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि लोगों की बढ़ती अतार्किक अपेक्षाएं, एकल परिवार व्यवस्था, भौतिक संसाधनों पर अत्यधिक निर्भरता, तथा सामाजिक और आध्यात्मिक मूल्यों में कमी तनाव और आत्महत्या के प्रमुख कारण हैं। डॉ. तिवारी ने बच्चों में मोबाइल एडिक्शन के लिए परिवार और माता-पिता को जिम्मेदार बताया। उन्होंने तनाव एवं आत्महत्या की प्रवृत्ति में कमी लाने के लिए आपसी सहयोग, वैदिक व्यवहार मानकों और परंपराओं को अपनाने पर बल दिया। मोबाइल लत से बचाव के लिए उन्होंने साप्ताहिक मोबाइल व्रत रखने और घर में मोबाइल स्टेशन बनाने का सुझाव दिया। साथ ही, उन्होंने उपस्थित लोगों को रिलैक्सेशन एक्सरसाइज का अभ्यास कराया जिससे तनाव के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके।
सेमिनार की संयोजिका और अस्तित्व काउंसलिंग सेंटर की संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. मालविका राव ने बताया कि कार्यक्रम में मनोविज्ञान के छात्र-छात्राओं, समाजसेवियों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही बताया कि उनका सेंटर वर्षभर इस दिशा में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। सेमिनार को डॉ. अभिलाषा चतुर्वेदी, श्री तलत मोहम्मद, और डॉ. शांति चौधरी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सेंटर द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता हेतु आयोजित नि:शुल्क ऑनलाइन प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
सेमिनार के सफल आयोजन में सौशन रिजवी, सानुवेर इदरीश, आभा यादव, राजीव जायसवाल, अर्षिता, अर्पिता, आकृति राव, कृतिका मिश्रा, पावनी, श्रेया, अभिनंदन, आयुषी, अनुष्का, मंजरी और अर्चिता की मुख्य भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुभद्रा कुमारी ने किया, जबकि अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मालविका राव द्वारा किया गया।

