ख़्वाजा अब्दुस्सलाम चिश्ती का 35वां वार्षिक उर्स मुबारक संपन्न, प्रदेशभर से पहुँचे ज़ायरीन — शायर नैयर दमोही की वर्षी पर नातिया मुशायरा आयोजित | New India Times

इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

ख़्वाजा अब्दुस्सलाम चिश्ती का 35वां वार्षिक उर्स मुबारक संपन्न, प्रदेशभर से पहुँचे ज़ायरीन — शायर नैयर दमोही की वर्षी पर नातिया मुशायरा आयोजित | New India Times

महान सूफ़ी संत हज़रत ख़्वाजा अब्दुस्सलाम चिश्ती साहब का 35वां वार्षिक चार दिवसीय उर्स मुबारक स्थानीय पुराना बाज़ार नंबर 02, चिश्ती नगर, दमोह में बड़ी अकीदत और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस मौके पर देश के विभिन्न जिलों और राज्यों से ख़्वाजा साहब के अकीदतमंद (श्रद्धालु) बड़ी संख्या में पहुँचे। उर्स के अवसर पर जयपुर (राजस्थान) से आए प्रसिद्ध क़व्वाल हाजी टिम्मू गुलफाम व पार्टी ने सूफियाना कलाम पेश किए। मेहमान मौलाना के अलावा मौलाना तहसीन रज़ा साहब, हाफ़िज़ ख़लील रज़ा और मुनव्वर रज़ा साहब ने इस्लाही तक़रीरें कीं तथा सूफ़ी संतों के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला।

ख़्वाजा अब्दुस्सलाम चिश्ती का 35वां वार्षिक उर्स मुबारक संपन्न, प्रदेशभर से पहुँचे ज़ायरीन — शायर नैयर दमोही की वर्षी पर नातिया मुशायरा आयोजित | New India Times

स्थानीय शायरों ने भी ख़्वाजा साहब की शान में अपने कलाम पेश किए। चार दिवसीय उर्स में पहले दिन परचम कुशाई और नात-मनक़बत मुशायरा, दूसरे दिन तक़रीर प्रोग्राम, तीसरे दिन चादर जुलूस और देर रात तक महफ़िले सिमा (क़व्वालियों का दौर) आयोजित हुआ। उर्स का समापन चौथे दिन कुल शरीफ़ की फ़ातिहा और मुल्क में अमन-चैन की सामूहिक दुआ के साथ हुआ। यह सभी कार्यक्रम अंजुमन चिश्तिया कमेटी द्वारा आयोजित किए गए। कमेटी ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगरपालिका प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कमेटी सदस्य इम्तियाज़ चिश्ती ने बताया कि उर्स की सबसे ख़ास बात यह रही कि यहाँ हर धर्म और समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।

ख़्वाजा अब्दुस्सलाम चिश्ती का 35वां वार्षिक उर्स मुबारक संपन्न, प्रदेशभर से पहुँचे ज़ायरीन — शायर नैयर दमोही की वर्षी पर नातिया मुशायरा आयोजित | New India Times

शायर नैयर दमोही की वर्षी पर नातिया मुशायरा आयोजित — ऊर्दू शायरी में दमोह का नाम किया रोशन

देश के प्रसिद्ध और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर नैयर दमोही की वर्षी के अवसर पर एक नातिया मुशायरा आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय शायरों ने शिरकत की। नैयर दमोही ने ऊर्दू शायरी के क्षेत्र में न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश में दमोह का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रौशन किया। यह भी एक रोचक संयोग है कि शायर नैयर दमोही के गुरु पीर-ओ-मुर्शिद हज़रत ख़्वाजा अब्दुस्सलाम चिश्ती साहब के उर्स के समापन के अगले दिन ही नैयर दमोही की वर्षी होती है।

ख़्वाजा अब्दुस्सलाम चिश्ती का 35वां वार्षिक उर्स मुबारक संपन्न, प्रदेशभर से पहुँचे ज़ायरीन — शायर नैयर दमोही की वर्षी पर नातिया मुशायरा आयोजित | New India Times

इस अवसर पर नातिया मुशायरा आयोजित कर उन्हें इसाले सवाब पेश किया गया। नैयर साहब की शायरी पूरी तरह अपने गुरु ख़्वाजा अब्दुस्सलाम चिश्ती साहब को समर्पित रही। वे ख़्वाजा साहब के पसंदीदा शायर भी थे। उनका इंतक़ाल भी ख़्वाजा साहब के उर्स के समापन अवसर पर ही हुआ था। उनकी वसीयत के अनुसार, उन्हें उनके गुरु ख़्वाजा अब्दुस्सलाम चिश्ती साहब के दरबार के पास ही सुपुर्दे ख़ाक किया गया। हर वर्ष उर्स के समापन के बाद उनके नाम से नातिया मुशायरा आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.