अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने राम मनोहर लोहिया नर्सिंग कॉलेज भोपाल में गंभीर अनियमितताओं और फर्जी दस्तावेज़ों के माध्यम से मान्यता प्राप्त करने की साजिश का खुलासा किया है। इस संबंध में एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने मुख्य सचिव के साथ-साथ लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आयुक्त और मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के अध्यक्ष और रजिस्ट्रार को शिकायत पत्र सौंपकर एफआईआर दर्ज करने और कॉलेज के मान्यता आवेदन को तत्काल निरस्त करने की मांग की है ।
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन आवेदन में कंचन यादव को ट्यूटर के रूप में दर्शाया गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि वह वर्तमान में इंदौर से एम.एससी. नर्सिंग (सत्र 2024-25) की पढ़ाई कर रही हैं। यह सीधा-सीधा फर्जीवाड़ा है, क्योंकि कोई भी छात्रा एक साथ पढ़ाई करते हुए फैकल्टी के रूप में नियुक्त नहीं हो सकती।
जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यह मामला न केवल नियमों का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि फर्जी दस्तावेज़ों और भ्रामक जानकारी के आधार पर मान्यता प्राप्त करने की कोशिश है, जो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 336, 337 और 338 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
एनएसयूआई ने मांग की है कि –
1. कॉलेज प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
2. कॉलेज के मान्यता आवेदन को तत्काल निरस्त किया जाए।
3. भविष्य में इस तरह की फर्जीवाड़ा गतिविधियों को रोकने के लिए सभी नर्सिंग कॉलेजों को कड़े निर्देश जारी किए जाएं।
रवि परमार ने कहा कि 2025-26 सत्र में लगभग 400 कालेजों ने आवेदन किए हैं लेकिन उनमें से 50 फीसदी कालेजों के आवेदनों में गड़बड़ियां हैं कई कालेजों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ( CHO) और शासकीय सेवा में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टीयां हैं जल्दी हम उनकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर शिकायत करेंगे अगर सरकार कार्यवाही नहीं करेंगी तो हम उच्च न्यायालय को भी हमारे अधिवक्ता के माध्यम से अवगत कराकर कार्यवाही की मांग करेंगे ।
एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन नर्सिंग काउंसिल के घेराव के साथ साथ प्रदेश में व्यापक आंदोलन करेगा ।

