अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल प्रशासन ने बालिकाओं के समग्र विकास, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए “शक्ति संवाद” नामक अभिनव एवं संस्थागत अभियान की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन शारदा पाठशाला, कहलगांव में जिला पदाधिकारी द्वारा किया गया।

यह पहल केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अनुमंडल के सभी 84 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार (अवकाश होने पर पूर्व कार्य दिवस) नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विद्यालय में एक महिला पदाधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में छात्राओं से संवाद कर उन्हें जीवन कौशल, अधिकारों और भविष्य निर्माण से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देंगी।
“शक्ति संवाद” के अंतर्गत बाल विवाह उन्मूलन, मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया व पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, महिला अधिकार, साइबर सुरक्षा, सुरक्षित व्यवहार, करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। साथ ही छात्राओं को आयरन (IFA) टैबलेट वितरित की जाएगी तथा हीमोग्लोबिन जांच कर एनीमिया से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।

अभियान के तहत पूर्व में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया गया। 9 जुलाई को सभी विद्यालयों में बाल विवाह उन्मूलन विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई, जबकि 10 जुलाई को प्रभात फेरियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। उद्घाटन समारोह में प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया और बाल विवाह के खिलाफ सामूहिक शपथ दिलाई गई।
बाल विवाह को जड़ से खत्म करने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, पुजारी, काजी, पंडित, मौलवी, विवाह भवन संचालकों, डीजे व टेंट व्यवसायियों, कार्ड प्रिंटर्स और वाहन संचालकों सहित विभिन्न हितधारकों के साथ बैठक कर उनसे बाल विवाह नहीं कराने का संकल्प लिया गया। जीविका दीदियों को भी अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया है तथा उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बहु-स्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। प्रखंड स्तर पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समिति गठित की गई है, वहीं पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव, विकास मित्र, जीविका दीदी, टोला सेवक, तालीमी मरकज, आंगनबाड़ी सेविका और विद्यालय प्रतिनिधियों को जोड़कर स्थानीय सहायता तंत्र विकसित किया गया है। प्रत्येक प्रखंड में “शक्ति संवाद” व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर त्वरित सूचना और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही विद्यालयों में ‘बडी सिस्टम’ लागू किया जाएगा, जिससे बाल विवाह की आशंका होने पर छात्राएं तुरंत सूचना दे सकें।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार बिहार में लगभग 40.08 प्रतिशत महिलाओं का विवाह 18 वर्ष से कम आयु में हो जाता है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। इसी चुनौती को देखते हुए “शक्ति संवाद” की परिकल्पना की गई है।
अनुमंडल पदाधिकारी कहलगांव कृष्ण चंद्र गुप्ता (IAS) ने कहा कि एक बेटी को शिक्षित, स्वस्थ और आत्मविश्वासी बनाना पूरे समाज और राष्ट्र के भविष्य को मजबूत करता है। “शक्ति संवाद” का उद्देश्य ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना है, जहां हर बेटी खुलकर अपनी बात रख सके और अपने सपनों को साकार करने का आत्मविश्वास प्राप्त कर सके।
कार्यक्रम में दंडाधिकारी रवी कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

