मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
गुरुवार 9 जुलाई 2026 को शाम करीब 6 बजे बिजोरी छाबड़ा निवासी 27 वर्षीय दीपक राकेसिया (पिता बनवारी लाल) के व्हाट्सएप पर पीएम किसान योजना के नाम से एक APK फाइल आई। युवक ने अनजाने में उस फाइल को डाउनलोड कर लिया, जिससे साइबर ठगों ने उसका मोबाइल और व्हाट्सएप हैक कर लिया।
हैकर्स ने उसके व्हाट्सएप ग्रुप और संपर्कों पर युवक के फर्जी सड़क दुर्घटना में घायल होने तथा प्लास्टर लगी तस्वीर भेजकर QR स्कैनर के माध्यम से पैसों की मांग शुरू कर दी। जब परिचितों के फोन आने लगे, तब युवक को अपने व्हाट्सएप के हैक होने की जानकारी हुई। इसके बाद वह तत्काल जुन्नारदेव थाने पहुंचा और उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे को पूरी घटना से अवगत कराया।
उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे ने सबसे पहले मोबाइल का इंटरनेट बंद कराया, फिर मोबाइल में इंस्टॉल हुई संदिग्ध APK फाइल को हटाया। इसके बाद कॉल फॉरवर्डिंग को *#21# जैसी जांच और आवश्यक प्रक्रिया के माध्यम से निष्क्रिय कराया तथा कस्टमर केयर से संपर्क कर सिम को दोबारा सक्रिय कराया। इसके बाद मोबाइल में व्हाट्सएप पुनः इंस्टॉल कर पहले की तरह चालू कराया गया।
जांच के दौरान युवक के PhonePe खाते में ₹75,669 जमा मिले। समय रहते पुलिस की मदद मिलने से साइबर ठग खाते से राशि निकालने में सफल नहीं हो सके और युवक की रकम सुरक्षित बच गई।
पुलिस ने बताया कि इन दिनों पुलिस मुख्यालय द्वारा “सेफ क्लिक 2.0” अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों, बैंकों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि APK फाइलों पर कभी भी क्लिक कर उन्हें डाउनलोड न करें। साइबर ठग अक्सर शादी का कार्ड, आरटीओ चालान, पीएम किसान योजना, राशन कार्ड आदि के नाम पर APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल हैक करने का प्रयास करते हैं।
पुलिस ने सलाह दी है कि यदि किसी के साथ इस प्रकार की साइबर ठगी की घटना होती है, तो वह तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराए।

