नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

धीरे धीरे महाराष्ट्र का सारा का सारा संसाधन अडानी अंबानी को बेचकर प्रदेश को दिवालिया कर रही देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने अपनी सरकार चलाने के लिए देसी विदेशी शराब के दामों में प्रति मांग 10 रुपया इजाफा कर दिया है। केंद्रीय GST के कारण राज्यों के टैक्स अधिकार ख़त्म कर किए गए हैं। शराब और रेवेन्यू पर अतिरिक्त टैक्स लगाने के अलावा महाराष्ट्र सरकार के पास कोई रास्ता नहीं बचा है। देसी शराब महंगी होने से प्लास्टिक के बैग में बिकने वाले जहरीले घोल की मांग आसमान छूने लगी है। कोरोना के लॉक डाउन में पन्नी शराब लोकप्रिय हुई, उस समय तिज़ोरी भरने के लिए देश की कई राज्य सरकारों ने वैध शराब का मार्केटिंग किया था। बड़े बड़े नेता मंत्री अपने कयादती शहरों का औद्योगिक विकास करने में नपुंसक साबित हो चुके हैं, अलबत्ता यही लोग भ्रष्टाचार के रास्ते अपनी सात पुश्तों के लिए हजारों करोड़ की प्रॉपर्टी बनाने में सफ़ल हो चुके हैं। ऐसे मंत्रियों के ब्लॉक में बेरोज़गारी के चलते अवसाद का शिकार बने सैकड़ों नौजवान नकली शराब पी कर मर गए हैं और जो जीवित हैं वो मरने के लिए पी रहे हैं।

राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस ने अवैध शराब के ठेके और अकस्मात मौतों का कोई मुकम्मल आधिकारिक रेकॉर्ड नहीं रखा है। राज्य में राजमार्गों के किनारे खुलेआम हर किस्म का नशा बिक रहा है। हेरोइन, कोकीन, चरस का अडानी के मुंद्रा पोर्ट से क्या कनेक्शन है यह सब जानते हैं। मोदी का नेतृत्व और विकास इन दो खोखले शब्दों के इर्द गिर्द जाल बुनकर गोदी मीडिया के घटिया चैनलों के स्टूडियो में रिकॉर्डेड शो करने वाले बीजेपी के नेता गण संजय राउत निखिल वागले असीम सरोदे राजू पुरुलेकर कुमार केतकर अशोक वानखेडे जैसे यूट्यूबर्स को एक लाइव साक्षात्कार देने की हिम्मत नहीं रखते।

