पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (म.प्र.), NIT:
पुलिस उप महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक धार श्री मयंक अवस्थी के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धार श्री विजय डावर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धार (उत्तर) श्रीमती पारुल बेलापुरकर के मार्गदर्शन में, उप पुलिस अधीक्षक धार श्री आनंद तिवारी द्वारा महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई करने एवं पति-पत्नी के पारिवारिक मामूली विवादों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाइश (काउंसलिंग) के माध्यम से रिश्तों को टूटने से बचाने हेतु महिला थाना प्रभारी को विशेष रूप से निर्देशित किया गया।
इसी क्रम में महिला थाना धार में आवेदिका मुस्कान (परिवर्तित नाम) द्वारा एक शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उल्लेख किया गया कि आवेदिका का निकाह समाज की जाति-रीति रिवाज से दो वर्ष पूर्व हुआ था तथा उनका एक पुत्र है।
शादी के बाद कुछ दिनों तक उसे ठीक रखा गया, फिर पति, सास एवं ससुर द्वारा आए दिन ताने मारकर परेशान किया जाता था तथा गाली-गलौज व मारपीट की जाती थी। दहेज लाने की बात को लेकर पति, सास एवं ससुर द्वारा मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
महिला थाना प्रभारी द्वारा उक्त शिकायत की जांच सउनि रामसिंह गौर को सौंपी गई तथा त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए महिला पुलिस टीम द्वारा तत्काल दोनों पक्षों को थाने बुलाकर अलग-अलग परिवार के साथ समझाया गया। परिवार के महत्व को समझाते हुए साथ रहकर जीवन व्यतीत करने हेतु भरसक प्रयास किया गया।
परिणामस्वरूप दोनों पक्षों के मध्य आपसी सुलह हो गई। पति द्वारा आश्वासन दिया गया कि वह भविष्य में पत्नी से किसी प्रकार का विवाद, लड़ाई-झगड़ा, गाली-गलौज या मारपीट नहीं करेगा तथा प्रेमपूर्वक एवं सम्मान के साथ रखेगा और पति धर्म का पालन करेगा।
महिला पुलिस टीम धार द्वारा टूटते रिश्तों को बचाने हेतु इस प्रकार के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। उक्त कार्यवाही में निरीक्षक क्लेर डामोर, सउनि रामसिंह गौर, प्रधान आरक्षक रतन कटारे, प्रधान आरक्षक सीता अलावा एवं आरक्षक राकेश देवल की विशेष भूमिका रही।

