वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जिला चिकित्सालय संबद्ध स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय मोतीपुर ओयल में सोमवार को एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डॉ वाणी गुप्ता व सीएमएस डॉ आरके कोली ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके जीवन के संघर्षों को याद करते हुए गोष्ठी का शुभारंभ किया गया। बाबा साहब को नमन करते हुए चिकित्सालय के डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य उपस्थित स्टाफ ने भी बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
अपने संबोधन में मेडिकल कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ वाणी गुप्ता ने कहा कि बाबा साहब ने अपने जीवन में बहुत अधिक संघर्ष किया है। उनके जीवन का एक किस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें डॉक्टर की उपाधि पीएचडी करने के उपरांत मिली थी। यह पीएचडी उन्होंने दलित पिछड़ों के जीवन के संघर्ष और उनके साथ होने वाले भेदभाव पर आधारित थी। जिसे करने में उन्हें करीब 5 वर्ष लगे। हम उन्हें संविधान निर्माता के रूप में भी जानते हैं। भारत का संविधान आज भी सशक्त है, जो बाबा साहब की देन है।
इस दौरान सीएमएस डॉ आरके कोली ने कहा कि देश के दलित, पिछड़े व आदिवासियों को आज जो भी अधिकार प्राप्त हैं। जिसके कारण वह आज देश में सभी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। उसमें बाबा साहब का अमूल्य योगदान है, जिसे किसी भी तरह से नकारा नहीं जा सकता है। बाबा साहब के जीवन से संघर्ष करने की प्रेरणा प्राप्त होती है और यही कारण है कि हम हर वर्ष 14 अप्रैल को उनके जीवन के संघर्षों को याद करते हुए बाबा साहब की जयंती मनाते हैं। इस दौरान जिला चिकित्सालय के डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य स्टाफ मौजूद रहा।

