अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:
नेपाल के मशहूर व मारूफ दीनी शख्सियत जामिया आइशा सिद्दीका गर्ल्स कालेज के प्रबंधक मौलाना अब्दुर्रशीद साहब को झंडा नगर नेपाल के कब्रिस्तान में शाम चार बजे सुपर्द ए ख़ाक कर दिया गया।
उनके जनाज़े की नमाज़ जामिया सिराजुल उलूम के प्रबंधक व नेपाल के जाने माने इस्लामिक स्कॉलर मौलाना शमीम अहमद नदवी ने पढ़ाई। उनके जनाज़े में हज़ारों लोग शामिल हुए जिसमें बड़ी तादाद में हर मज़हब के मानने वाले भी शामिल थे।
नेपाल के तराई के बहुत से इस्लामिक शिक्षण संस्थान शोक में आज बंद रहे। सीमाई जिले के बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बस्ती, महराजगंज, गोरखपुर, श्रावस्ती आदि जिलों से बड़ी तादाद में लोगों ने जनाज़े के नमाज़ में शिरकत की। वहीं नेपाल के कपिलवस्तु, रूपंदेही, बुटवल, तौलिहवा आदि स्थानों से लोग बड़ी तादाद में जनाज़े में शामिल हुए।
शनिवार को 95 वर्ष की उम्र में मौलाना अब्दुर्रशीद साहब का इंतेक़ाल हो गया था। वो लम्बे समय से बीमार चल रहे थे।अपने आबाई वतन कुदरबेटवा में मौलाना ने आखिरी सांस ली। मौलाना का शुमार नेपाल के मशहूर व मारूफ इस्लामिक स्कॉलरों में किया जाता था। वो नेपाल की बड़ी दीनी व समाजी शख्सियत और खतीबुल इस्लाम मरहूम हज़रत मौलाना अब्दुर रऊफ रहमानी झंडानगरी रहमतुललाह अलैहे के बेटे थे।
मौलाना अब्दुर्रशीद की मृत्यु पर ग्राम प्रधान अब्दुल्लाह बुखारी ने खिराजे अकीदत पेश करते हुए कहा कि मौलाना अब्दुर्रशीद साहब ने अपने जीवन में इस्लाम की शिक्षा के साथ ही समाज में अमन और भाईचारे का संदेश फैलाया। उनके विचार और कार्य हमेशा हमें प्रेरित करते रहेंगे। उनका दुनिया से जाना हमारे लिए एक अपूरणीय क्षति है। हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
उनके जनाज़े में मौलाना अब्दुल गनी अलकूफी, मौलाना मशहूद नेपाली, मौलाना अब्दुल अज़ीम, परवेज़ अहमद, रज़ाउर्रहमान, मेयर अजय थापा, पूर्व मंत्री ईश्वर दयाल मिश्रा, डाॅ जावेद खान, अबुबकर खान, डॉ नदीम अहमद, डॉ हिफ्ज़ुर्र्रह्मन, डॉ जमाल अहमद, अकरम पठान, मिर्ज़ा राशिद बेग, पूर्व चैयरमेन निसार बागी, इंतखाब अली खान, मौलाना खुर्शीद सल्फी, ज़ाहिद आज़ाद झंडा नगरी, मौलाना इब्राहिम मदनी, इंजीनियर इरशाद अहमद अलीग, जमाल अहमद, मु इब्राहिम बाबा, निज़ाम अहमद, मसूद अहमद, सगीर ए खाक़सार आदि साहित हज़ारों की तादाद में लोगों ने शिरकत कर खिराजे अकीदत पेश किया।

