नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

संगठन द्वारा दिए गए दायित्व में असफल होने पर अपने संसदीय क्षेत्र की जनता के बीच खुद का व्यक्तिगत दबदबा इमेज बरकरार रखने के लिए सीमित जनाधार वाले नेताओं को कई बार छोटी जीत के आड़ बड़ी हार को छिपाने के लिए तिकड़म बाजी करनी पड़ती है। उत्तर महाराष्ट्र की सभी 8 सीटों में भाजपा मात्र 2 सीट जीतने में कामयाब रही है और भाजपा ने इस छोटी सी जीत को माहौल के जरीए भुनाना शुरू कर दिया। उत्तर महाराष्ट्र की इन सभी 8 सीटों की ज़िम्मेदारी बतौर स्टार प्रचारक भाजपा नेता गिरीश महाजन को सौंपी गई थी। उससे पहले महाजन को मोहिते पाटील परिवार से वार्तालाप करने सोलापुर के माढ़ा में भेजा गया था जहां से धैर्यशील मोहिते NCP (SP) के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं।
इंडिया गठबंधन से नासिक में राजा भाऊ वाजे (शिवसेना UBT), डिंडोरी भास्कर भगरे NCP (SP), धूलिया डॉ शोभा बच्छाव कांग्रेस, अहमद नगर दक्षिण से निलेश लंके NCP (SP), शिर्डी भाऊसाहब वाकचौरे शिवसेना (UBT), नंदूरबार गोवल पाडवी कांग्रेस यह प्रत्याशी जीते। डिंडोरी सीट से मोदी सरकार में वर्तमान केंद्रीय मंत्री भारती पवार और धूलिया से पूर्व रक्षा मंत्री सुभाष भामरे चुनाव हार गए हैं। जलगांव से स्मिता वाघ और रावेर में रक्षा खडसे ने दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के खाते में 2 सीटें जोड़ कर उसके कुल सांसदों की संख्या को 238 कर दिया। रावेर शहर में खडसे के प्रचार रैली में सांप्रदायिकता का तड़का लगाने वाली नवनीत राणा भाजपा के टिकट पर अमरावती सीट से हार गई हैं।
रक्षा खडसे के टिकट और उनके ससुर एकनाथ खडसे के भाजपा में पुन:प्रवेश को लेकर देवेंद्र फडणवीस-गिरीश महाजन केंद्रीय नेतृत्व से मुकर रहे। रक्षा खडसे की जीत में एकनाथ खडसे की भूमिका काफ़ी हद तक महत्वपूर्ण है। महाराष्ट्र में भाजपा को महज 9 सीटे मिली है, NDA को 290 इंडिया को 235। 9 जून के बाद दिल्ली की राजनीति में नंबरगेम शुरू होने की संभावना है। लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्रीयों को लोगों ने जिस तरह से हराया है उसे देख कर शिंदे – फडणवीस सरकार में शामिल भाजपा के मंत्रियो में काफ़ी तनाव देखा जा रहा है।
