मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव तहसील अंतर्गत ग्राम पालाचौरई के ग्रामीणों ने पेसा एक्ट समिति के साथ मिलकर ग्राम पंचायत कार्यों में अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है। पेसा एक्ट समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 9 फरवरी 2026 को पहला क्रमिक अनशन शुरू किया था।
इस पर नायब तहसीलदार, जुन्नारदेव ने 20 फरवरी को लिखित समझौता किया था, जिसमें एक माह के भीतर किसी अन्य एजेंसी द्वारा पंचायत कार्यों की जांच कराने का वादा किया गया था। लेकिन आज तक कोई जांच नहीं हुई, जिससे ग्रामीण बेहद व्यथित हैं।
व्यथित ग्रामीणों ने पुनः 11 अप्रैल को पुलिस चौकी अंबाड़ा कांटा घर के पास क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि “जब तक ठोस जांच और कार्रवाई नहीं होगी, अनशन जारी रहेगा।”
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत कार्यों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। अनशन में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह आंदोलन पालाचौरई में किए गए कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर और तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में पेसा एक्ट के कमजोर क्रियान्वयन को उजागर करती हैं। अनशन जारी रहने से ग्रामीण जीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर दृढ़ बने हुए हैं। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

