नरेंद्र कुमार, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

कोरोना के तीसरे वेरिएंट Omicron के बढ़ते संक्रमण को लेकर विश्वगुरु भारत ने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को गति देने पर जोर दिया है. वैसे तो डेल्टा की दूसरी लहर में जब 7 लाख से अधिक नागरिकों की मौत हो गई तब उसके बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि नवंबर 2021 तक 135 करोड़ देशवासियों को टीकाकृत किया जाएगा लेकिन वैसा हुआ नहीं, टीकाकरण अभियान की गति धीमी पड़ गई. जब ओमिक्रोन ने दस्तक दी तब जाकर 25 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा कि 10 जनवरी 2022 से देश के सभी सीनियर सिटीजन को Buster Dose दिया जाएगा. आज से पूरे देश में सीनियर सिटीजन को बूस्टर डोज़ लगवाए जा रहे हैं. जामनेर ब्लाक में एक प्रतिष्ठित व्यापारी को इस डोज़ का पहला टिका लगाया गया और तमाम सीनियर सिटीजन को डोज़ के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया. तहसील स्वास्थ अधिकारी डॉ राजेश सोनावणे, उपजिला अस्पताल प्रमुख डॉ विनय सोनावणे, डॉ हर्षल चांदा, डॉ मनोज पाटिल, डॉ पल्लवी राउत, डॉ सागर पाटील समेत हेल्थ टीम के सभी कर्मियों ने इस अभियान में अपना अपना योगदान सुनिश्चित किया है. डॉ राजेश ने बताया कि जिन सीनियर सिटीजन को पहला और दूसरा डोज़ लिए 39 हफ्ते यानी 9 महीने पूरे हो चुके हैं उनको बूस्टर डोज़ दिया जाएगा. जामनेर ब्लॉक में 1586 हेल्थ केयर वर्कर, 3019 फ्रंट लाइन वर्कर, 25324 सीनियर सिटीजन को अहतियाती टिका दिया जाना है. विदित हो कि 0 से 18 के ग्रुप के लिए भी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है लेकिन उसमें तालमेल का अभाव दिखायी पड़ रहा है. फिलहाल देश में कॉवैक्सिन , कोविशेल्ड, स्पुतनिक टिके दिए प्रयोग में हैं. बूस्टर डोज़ से इम्युनिटी पावर ग्रो अप होकर कोरोना से लड़ने में 75 फीसद तक की सुरक्षा प्रदान करेगी. समग्र टीकाकरण अभियान के लिए सरकारें विज्ञापनों पर करोड़ों रुपया खर्च कर जनता को प्रेरित करने में जुटी हैं. अगर जावड़ेकर के कहे मुताबिक देश की 135 करोड़ जनता के लिए टीकाकरण का नीतिगत और गतिमान प्रोग्राम बनाया जाता तो शायद राज्यों को मिनी ताला बंदी जैसे कड़े कदम नहीं उठाने पड़ते. टीका आकर आज एक साल बीत जाने के बाद देश में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान का गौरव किया जा रहा है जब कि ग्राऊंड जीरो पर जारी की जा रही आंशिक तालाबंदी ने महाअभियान की पोल खोल दी है.
