मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर स्थित कमल कॉटस्पिन प्राइवेट लिमिटेड की ओर से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि हाईकोर्ट ने उनकी पक्षकार फर्म के पक्ष में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने न केवल केनरा बैंक की रिट पिटिशन को निरस्त कर दिया बल्कि कैनारा बैंक पर ₹50000 का जुर्माना भी लगाया है। इतना ही नहीं मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने उक्त आदेश को नज़ीर के रूप में न्यायिक जर्नल्स में प्रकाशित करने का आदेश किया है। अधिवक्ता मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि कमल कॉटस्पिन प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में केनरा बैंक से लगभग ₹75 लाख (ब्याज सहित) वसूली के आदेश के बावजूद केनरा बैंक द्वारा उक्त राशि का भुगतान नहीं करने पर केनरा बैंक की नंदा नगर शाखा इंदौर की कुछ संपत्ति कुर्क भी कर ली गई थी तथा शेष संपत्ति कुर्क करना बाकी थी। इस बीच केनरा बैंक ने उक्त आदेश के खिलाफ मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में रिट पिटिशन प्रस्तुत करके स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया था, किंतु 09 माह बाद उच्च न्यायालय के समक्ष लगभग 2 घंटे तक चली सुनवाई में केनरा बैंक की ओर से उपस्थित अधिवक्ता की दलीलों को अमान्य करते हुए कमल कॉटस्पिन की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ट अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल की दलीलों को स्वीकार करते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में ना केवल केनरा बैंक की रिट पिटिशन को निरस्त कर दिया बल्कि केनरा बैंक पर ₹50 हज़ार का जुर्माना भी लगाते हुए इस जुर्माने की राशि को आदेश की तारीख से 14 दिन के भीतर भुगतान करने का आदेश भी पारित किया। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने उक्त आदेश को नज़ीर के रूप में स्थापित करते हुए न्यायिक जर्नल्स (कानून की किताबों) में प्रकाशित करने का आदेश भी पारित किया है। श्री मनोज कुमार अग्रवाल से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इस नज़ीर को मिलाकर कुल 15 नज़ीर अब तक उनके नाम हो चुकी है, जिस से वे अपने आपको गौरवान्वित महसूस करते हैं। यह बुरहानपुर के लिए भी गौरव का विषय है। श्री अग्रवाल ने बताया कि इस प्रकरण में उनके सहायक अधिवक्ता गण श्रीमती अनीता मनोज, श्रीमती दीक्षा हर्ष सहित एडवोकेट सुश्री प्रीति तिवारी एवं अधिवक्ता अज़हर हुसैन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
