हरकिशन भारद्वाज, जयपुर (राजस्थान), NIT:

पूर्व मंत्री घनश्याम तिवारी कांग्रेस का दामन छोड़कर एक बार फिर अपने पुराने ‘परिवार’ में लौट आए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने आज पार्टी मुख्यालय में हुए एक कार्यक्रम में तिवारी के ‘घर वापसी’ की औपचारिकताएं पूरी करवाईं। मीडिया को संबोधित करते हुए तिवारी ने कांग्रेस की सदस्यता नहीं लेने का खुलासा किया साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि मैं जन्म से ही भारतीय जनता पार्टी के साथ हूं, मेरी विचारधारा पूर्ण रूप से भाजपा की है और भाजपा ही मेरी रग-रग में समाई हुई है।
तिवारी ने ये भी कहा कि पहले मैं व्यक्तिगत रूप से भारतीय जनता पार्टी में रहा, फिर बीच में दो साल तक मन से भाजपा में था और अब फिर से भाजपा में आ गया हूं। उन्होंने कहा कि अब पार्टी जो दायित्व देगी वे उसका पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे। इस मौके पर तिवारी ने मीडिया के कई सवालों के जवाब भी दिए।
कांग्रेस की नहीं ली प्राथमिक सदस्यता
घनश्याम तिवारी ने कहा कि ‘मैं भाजपा के साथ जुड़ा हूं, लेकिन कुछ परिस्थितियां ऐसी आ गई थीं जिसके कारण पार्टी बनानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मैंने कांग्रेस की कभी भी प्राथमिक सदस्यता नहीं ली। केवल उनके मंच पर गया। कांग्रेस पार्टी के किसी भी कार्यक्रम में कोई हिस्सा नहीं लिया चाहे वह सीएए के विरोध में हो या कोई अन्य विरोध-प्रदर्शन। तिवारी ने कहा कि उन्होंने हमेशा भगवान से प्रार्थना की और यही दुआ मांगी कि भाजपा में वापसी हो।
जिन सिद्धांतों के लिए लड़ा, वो भाजपा ने पूरे किए
तिवारी ने कहा कि जीवन भर जिन सिद्धांतों के लिए वे लड़ रहा थे, चाहे उसमें राम मंदिर हो या धारा 370, यह सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने पूरे किए हैं। ऐसे में उनके मन में छटपटाहट थी और वे बाहर नहीं रह सकते थे।
केंद्रीय संगठन के निर्देश पर हुई ‘घर वापसी’: पूनिया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने कहा कि वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवारी की घर वापसी को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर सहमति और अनुमति मांगी गई थी। केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद ही तिवारी की पार्टी में वापसी संभव हो पाई है। पूनिया ने इस अवसर पर गहलोत सरकार और कांग्रेस पार्टी पर भी जमकर बयानी हमला किया।
