अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:
मथुरा शहर मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता और समाजसेवी मोहम्मद यूनुस गाजी का किडनी की बीमारी के चलते निधन हो गया। उन्हें नया तकिया कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
मोहम्मद यूनुस गाजी कांग्रेस पार्टी में अनेक पदों पर आसीन रहे। वह दूरसंचार सलाहकार समिति, भारत सरकार के सदस्य भी रहे और विभिन्न सामाजिक संगठनों में सरपरस्त की भूमिका निभाते रहे। वर्तमान में वह मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष थे और उन्होंने समाज में अनगिनत सेवाएं प्रदान कीं।
मोहम्मद यूनुस गाजी के निधन की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। वह एक सच्चे समाजसेवी और व्यवहार कुशल इंसान थे, जो हमेशा सच्चाई के साथ खड़े रहते थे। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और जनता की आवाज बनते थे।
पत्रकार शाहिद कुरैशी ने कहा,
“मोहम्मद यूनुस गाजी कांग्रेस के बहुत मजबूत नेता थे। उन्होंने जब से कांग्रेस पार्टी का दामन थामा, तब से लेकर अंतिम समय तक उसी पार्टी में बने रहे और कभी दल नहीं बदला। वह हमारे परिवार के सरपरस्त थे और सभी से समन्वय बनाकर चलते थे। आज हमारे परिवार के एक जिम्मेदार सदस्य का साया उठ गया है। उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी।”
उनके जनाजे (शवयात्रा) में हजारों लोगों ने शिरकत की, जिनमें कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां शामिल थीं।
मोहम्मद यूनुस गाजी के परिवार में उनकी पत्नी, बच्चे और नाती-पोते हैं। उनका निधन पूरे परिवार के लिए एक बड़ा सदमा है।
कब्रिस्तान में मौजूद उलमा-ए-इकराम, मुफ्ती आशिफ खान, रजा मस्जिद के इमाम अमजद रजा, गौसिया मस्जिद के इमाम अख्तर रजा और हाजी हाफिज इमरान ने उनकी कब्र पर फातिहा पढ़कर उनकी मगफिरत की दुआ की।
मोहम्मद यूनुस गाजी के निधन पर स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह एक सच्चे समाजसेवी और व्यवहार कुशल इंसान थे, जो हमेशा सच्चाई के साथ खड़े रहते थे। उनकी कमी समाज को हमेशा महसूस होगी।
इस मौके पर अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे और सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी मगफिरत के लिए दुआ की।

