मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:
शाहजहांपुर में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 32 महिलाओं को सम्मानित किया गया तथा 250 महिलाओं को पुलिस ने वालंटियर के रूप में जोड़ा।
मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत रिजर्व पुलिस लाइन में ‘दामिनी पहल’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों से आई 32 उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया। महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए पुलिस-जन सहभागिता को एक नया आयाम मिला।
रिजर्व पुलिस लाइन के सभागार में “दामिनी पहल” का भव्य कार्यक्रम आयोजित कर इसका शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण भंवरे दीक्षा अरुण के पर्यवेक्षण तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर देवेंद्र कुमार के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाते हुए उन्हें पुलिस व्यवस्था से जोड़ना तथा महिला सुरक्षा को जन-सहभागिता के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तिलहर विधायक सलोना कुशवाह, महापौर अर्चना वर्मा एवं भाजपा महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का विधिवत स्वागत पुलिस अधिकारियों द्वारा पुष्पगुच्छ, शॉल एवं पौधा भेंट कर किया गया।
उपस्थित अतिथियों ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने मिशन शक्ति अभियान की सराहना की तथा “दामिनी पहल” को महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
एसपी ग्रामीण भंवरे दीक्षा अरुण ने बताया कि जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चयनित 32 महिलाओं, जिन्होंने ग्राम प्रधान, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दिया है, को शॉल एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान समारोह न केवल उनके कार्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में महिलाओं की सकारात्मक भूमिका को रेखांकित करते हुए अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का माध्यम बना।
साथ ही “दामिनी पहल” के उद्देश्यों एवं कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया गया कि इस पहल के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय एवं जागरूक 250 महिलाओं को पुलिस वालंटियर के रूप में जोड़ा जाएगा।
ये महिलाएं अपने-अपने क्षेत्रों में रहकर महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित समस्याओं, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, छेड़छाड़, साइबर अपराध तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इससे पुलिस एवं आमजन के बीच समन्वय स्थापित होगा तथा महिला सुरक्षा को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

