'न कोई नोटिस न कोई सूचना' नायब तहसीलदार व लेखपाल ने जेसीबी से गरीब का मकान ढहाया, आक्रोशित लोगों ने बाईपास चौराहे पर लगाया जाम | New India Times

वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

'न कोई नोटिस न कोई सूचना' नायब तहसीलदार व लेखपाल ने जेसीबी से गरीब का मकान ढहाया, आक्रोशित लोगों ने बाईपास चौराहे पर लगाया जाम | New India Times

गोला देहात के मजरा अलियापुर में बहादुर लाल वर्मा के मकान को नायब तहसीलदार व लेखपाल ने जेसीबी से गिरा दिया जिससे आक्रोशित सैकड़ों नागरिकों ने परिवार के साथ बाईपास पटेल चौराहे पर जाम लगा दिया।
गौरतलब हो कि गोला देहात के मजरा अलियापुर, सिकंदराबाद रोड, हनुमान मंदिर के समीप बहादुर लाल वर्मा अपने खेत के सामने बने अपने प्रधानमंत्री आवास में अपने परिवार के साथ रहते हैं। बीते बुधवार की शाम करीब 6 बजे नायाब तहसीलदार अमित पांडेय व लेखपाल जय प्रकाश वर्मा ने बहादुर लाल वर्मा को बुलाया जब वह उनके पास पहुंचा तो उन लोगों ने उसका मोबाइल ले लिया और अपनी गाड़ी में जबरदस्ती बैठा लिया। फिर जेसीबी से उसकी आँखों के सामने ही उसका आशियाना गिरा दिया। घर में मौजूद महिलाओं और बच्चों में चीख-पुकार मच गई और किसी तरह भागकर उन सबने अपने आप को बचाया।

'न कोई नोटिस न कोई सूचना' नायब तहसीलदार व लेखपाल ने जेसीबी से गरीब का मकान ढहाया, आक्रोशित लोगों ने बाईपास चौराहे पर लगाया जाम | New India Times

बहादुरलाल वर्मा ने बताया कि उसे न तो कोई नोटिस और न ही कोई इस बात की सूचना प्रशासन द्वारा दी गई। एक सप्ताह पूर्व नायाब तहसीलदार ने उसे लेखपाल के द्वारा बुलाकर घुस के रूप में एक लाख रुपए की मांग की थी, मांग पूरी न होने पर उसके मकान को गिरा दिया। इसके अलावा जो मकान गिराया गया उसमें प्रधानमंत्री आवास भी बना है और मकान के पीछे उसी की कृषि योग्य जमीन है।

'न कोई नोटिस न कोई सूचना' नायब तहसीलदार व लेखपाल ने जेसीबी से गरीब का मकान ढहाया, आक्रोशित लोगों ने बाईपास चौराहे पर लगाया जाम | New India Times

सूचना पाकर गांव व नगर के सैकड़ों लोगों ने ओबीसी महासभा के प्रदेश संयोजक राम निवास वर्मा के नेतृत्व में आक्रोशित होकर, नारेबाजी करते हुए बाईपास पटेल चौराहे पर जाम लगा दिया जिससे चारों मार्गों पर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई और मौजूद पुलिस के हांथ-पांव फूल गए।
जिससे मौके पर पहुंचे कोतवाल गोला अनिल यादव ने उच्चाधिकारियों तक उनकी मांग पहुंचाने की बात कह कर किसी तरह समझाकर-बुझाकर जाम खुलवाया।

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