उर्दू माध्यम के एक छात्र ने सफलतापूर्वक अर्जित की एमएस सर्जरी की उपाधि, एमसीएच के पश्चात बुरहानपुर वासियों की सेवा करने का लिया संकल्प | New India Times

मेहलक़ा अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

उर्दू माध्यम के एक छात्र ने सफलतापूर्वक अर्जित की एमएस सर्जरी की उपाधि, एमसीएच के पश्चात बुरहानपुर वासियों की सेवा करने का लिया संकल्प | New India Times

उर्दू माध्यम वाले बच्चे कमतर, कमजोर और पिछड़े हुए माने जाते हैं, वह राष्ट्रीय धारा में शामिल नहीं होते हैं, इस दावे और विचारधारा को उर्दू माध्यम के एक छात्र मोहम्मद अवैस खान पिता हाजी मोहम्मद बशीर खान ने अपनी लगन, परिश्रम और शैक्षणिक योग्यता के बलबूते पर न केवल गलत साबित कर दिया है बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि उर्दू माध्यम के छात्र अन्य माध्यमों के छात्रों से ज्यादा ज़हीन होते हैं और कैरियर बनाने के लिए इंग्लिश मीडियम आवश्यक नहीं है। हम बात कर रहे हैं हकीमिया हायर सेकेंडरी स्कूल बुरहानपुर के सेवानिवृत्त व्याख्याता एवं शिक्षाविद स्वर्गीय मोहम्मद अजमल खान साहब के नवासे और मध्य प्रदेश स्टेट हज वेल्फेयर सोसायटी के प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी मतीन अजमल के भांजे मोहम्मद अवैस खान की। जिन की प्रारंभिक शिक्षा नगर परिषद स्कूल नगरदेवला जिला जलगांव महाराष्ट्र में हुई एवं 12वीं के शिक्षा पूर्व एनसीपी विधायक हमीदुद्दीन काजी के नेतृत्व में संचालित, मौलाना आजाद हायर सेकेंडरी स्कूल बुरहानपुर से पूर्ण करने के पश्चात उन्होंने पीपल्स मेडिकल कॉलेज भोपाल में एमबीबीएस में प्रवेश प्राप्त किया एवं एमबीबीएस करने के पश्चात गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के पीजी पाठ्यक्रम के एम एस (मास्टर इन सर्जरी) में प्रवेश लेने के बाद आयुर्विज्ञान चिकित्सा विश्वविद्यालय जबलपुर मध्य प्रदेश से एम एस की उपाधि प्राप्त की है, वहां भी 1 साल के बांड पर वहीं पर सेवारत हैं।

मोहम्मद अवैस खान ने इस प्रतिनिधि को बताया कि उनका आगे एक वर्ष का एमसीएच करने के पश्चात बुरहानपुर आकर यहां की जनता की सेवा करने का लक्ष्य है। मोहम्मद अवैस के पिता हाजी मोहम्मद बशीर खान महाराष्ट्र के एस के पवार जूनियर कॉलेज नगरदेवला, जिला जलगांव महाराष्ट्र में व्याख्याता थे, जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अवैस को मिलाकर 6 भाइयों में वह स्वयं एमएस, उसके दो भाई यूनानी चिकित्सक, एक भाई का भोपाल में मेडिकल शॉप, एक भाई शासकीय शिक्षक के साथ एक भाई स्वरोजगार में नियोजित है। इस तरह पूरा परिवार शिक्षित एवं संस्कारित है। उर्दू माध्यम से अपनी शिक्षा को पूर्ण करने को लेकर अपने समाज जनों के लिए यह मील के पत्थर की हैसियत रखते हैं। डाॅक्टर खान की इस सफलता पर शाही जामा मस्जिद बुरहानपुर के मुतवल्ली सैय्यद तिलत तमजीद बाबा मियां, बुरहानपुर के विधायक ठाकुर सुरेंद्र सिंह शेरा भैया, पूर्व एनसीपी विधायक हमीद क़ाज़ी, मौलाना आजाद हायर सेकेंडरी स्कूल बुरहानपुर के प्राचार्य मोहम्मद नौशाद, मध्य प्रदेश हज वेल्फेयर सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष मुकीत खान, लायंस क्लब के अध्यक्ष डॉक्टर एस एम तारिक़, हाजी मोहम्मद अली अंसारी दादा, इकबाल अंसारी आईना, जिला हज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सर्वश्री हाजी आरिफ अंसारी एवं एडवोकेट फरीद अहमद, डाक्टर फिरोज खान नूरी, जन शिक्षक मोहम्मद फहीम सहित समस्त समाज जनों, मित्रों, शुभचिंतकों आदि ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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