डीआईजीभोपाल शहर श्री इरशाद वली के दिशा निर्देशन में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध घटित अपराधों की रोकथाम और प्रचार-प्रसार से संबंधित भोपाल पुलिस के महिला/पुरूष अधिकारियों का 4 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

डीआईजीभोपाल शहर श्री इरशाद वली के दिशा निर्देशन में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध घटित अपराधों की रोकथाम और प्रचार-प्रसार से संबंधित भोपाल पुलिस के महिला/पुरूष अधिकारियों का 4 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ | New India Times

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध घटित अपराधों की रोकथाम और प्रचार-प्रसार से संबंधित भोपाल पुलिस के महिला/पुरूष अधिकारियों का 4 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस उप महानिरीक्षक भोपाल शहर श्री इरशाद वली के दिशा निर्देशन में पुलिस कंट्रोल रूम में शुभारंभ किया गया, जो आगामी 3 दिवस तक रहेगा।

प्रशिक्षण के आरंभ में डीआईजी शहर श्री इरशाद वली एवं पुलिस अधिकारी मुख्यालय श्री धर्मवीर सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्रीमति निवेदिता नायडू ने पुष्प गुच्छ भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया, उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में महिला अपराधों ने बढोत्तरी हो रही है, जिन्हें रोकने के लिए अपराधियों को कठोर सजा दिलाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए सभी विवेचना अधिकारियों की यह जवाबदेही बनती है कि थानों पर आने वाली फरियादिया/पीड़ित की रिपोर्ट गम्भीरतापूर्वक सुनकर त्वरित उचित व वैधानिक कार्रवाई करें तथा घटना स्थल की सुरक्षित कर सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्रित करें एवं विवेचना में पारदर्शिता लाएं ताकि अपराधी को न्यायालय से कठोर सजा मिल सके। तब जाकर पीड़िता को उचित न्याय मिल पायेगा एवं अपराधी अपराध करने से डरेंगे।

प्रशिक्षण में व्याख्याता FSL से Dr. श्री ओ. पी. दीक्षित एवं Dr. श्री हिरेक दास, चाईल्ड लाइन डायरेक्टर श्रीमती अर्चना सहाय एवं जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती प्रियंका उपाध्याय एवं द्वारा विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिया गया।

प्रशिक्षण में व्याख्याताओं ने बताया कि महिला/बालिका के विरुद्ध घटित होने वाले अपराधों में पीड़िता की रिपोर्ट पर तत्काल FIR कर पुलिस सहायता उपलब्ध कराएं। साथ ही बताया कि रेप, मर्डर आदि गम्भीर अपराधों में कौन-कौन से साक्ष्य एकत्रित कर सकते है तथा कितने दिनों तक इन्हें सुरक्षित रख सकते हैं। विवेचना के दौरान घटना स्थल पर कौन से स्थान/सामग्री से क्या साक्ष्य मिल सकते है और ये अपराधी को सजा दिलाने में कितने महत्वपूर्ण है इस बारे में सम्पूर्ण व्याख्यान दिए गए।

प्रशिक्षकों द्वारा बताया गया कि समय और आवश्यकतानुसार IPC एवं पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में बहुत से संशोधन हुए है, जो पीड़िता को न्याय दिलाने में अति महत्वपूर्ण है। पीड़िता को शासन की ओर से मिलने वाली योजनाओं के बारे में अवगत कराया गया, ताकि पुलिस सहायता के साथ साथ पीड़िता को अन्य जरूरी मदद मिल सकें।

इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक श्री नागेंद्र पटेरिया, रक्षित निरीक्षक श्री दीपक पाटिल, महिला थाना प्रभारी श्रीमती अजिता नायर, प्रभारी महिला सेल उप निरीक्षक श्रीमती सुलोचना गहलोत एवं महिला/पुरुष उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक समेत करीब 55-60 अधिकारी मौजूद रहे।

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