रहीम शेरानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

पूरे विश्व में कौरोना माहमारी से हाहाकार मचा हुआ है, इस छोटे से वायरस ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। इसके खतरनाक परिणाम भारत में भी देखे जा रहे हैं
लाखों की संख्या में लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं और प्रतिदिन सैकड़ों मौतें हो रही हैं लेकिन मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले में आज भी लोग इस खतरनाक बीमारी को लेकर गंभीर नहीं हैं। नियम कायदे कानून को ताक पर रखकर अपनी दूसरों की जिंदगियों से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

दुकानों पर भी अच्छी खासी भीड़ देखी जा सकती है।
पुलिस प्रशासन की समझाइश को लोग गंभीरता से न लेते हुए अपनी मनमर्जी चला रहे हैं साथ ही अड़ियाल दुकानदार ढीटाई करते हुए अपनी दुकानों को खोल कर दुकान के आगे पीछे भीड़ लगा कर लोगों को मौत के आगोश में ले जाने की तैयारी में लगे हुए हैं और शासन प्रशासन के आदेश निर्देश को भी घोलकर पी गए हैं।
इन्हें रुपयों की इतनी भूख है की इस दुख की घड़ी में भी काला बाजारी करते हुए आर्थिक मानसिक शोषण खुलकर कर रहे हैं।
