वी.के.त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर-खीरी (यूपी), NIT:

प्रदेश में कोरोना के चलते लोगों को दवाई लेने के लिए सावधानी बरतने के लिए कहा जा रहा है लेकिन इस दौरान भी जिले के झोलाछाप डाॅक्टर लोगों की जान जोखिम में डालने से पीछे नहीं हट रहे हैं। एक ओर जहां देश में लोग कोरोना के संक्रमण से जूझ रहे हैं वहीं साथ ही लोगों को खांसी, जुकाम और बुखार जैसी शिकायतों के प्रति सचेत रहने के लिए कहा जा रहा है वहीं इस दौर में भी झोलाछाप डाक्टर लोगों की जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं।
प्रशासन को चाहिए कि अभियान चलाकर झोलाछाप डाक्टरों को पकड़े एवं इनके खिलाफ विधिक कार्यवाही करे जो इस संकटकाल में भी डॉक्टर बन बैठे हैं और आमजन की जेब काटने में लगे हैं। जहाँ एक तरफ स्वास्थ्य को सरकार और स्थानीय प्रशासन पहली प्राथमिकता दे रहा है वहीं छोलाछाप डाक्टर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले में बिना डर लॉकडाउन के दौरान झोलाछाप डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं।झोलाछाप डॉक्टर लॉकडाउन के समय अपनी क्लीनिक खोलकर बिना डिग्री और बिना भय के जनता का इलाज कर रहे हैं। इन क्लीनिकों पर न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है और न हीं मास्क का इस्तेमाल किया जा रहा है ऐसी स्थिति में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की आशंका है और संक्रमित व्यक्तियों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
