मकसूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

देश में सभी ओर नागरिकता संशोधन कानुन तथा एन.आर.सी., एन.पी.आर. के विरोध में रैली, धरना आंदोलन शुरू है। केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए सी.ए.ए. का विरोध करने के लिए सर्वप्रथम दिल्ली के शाहीनबाग की महिलाओं ने बेमियादी धरना आंदोलन शुरू किया था। महिलाओं के इस आंदोलन को समर्थन देते हुए देश में जिला स्तर पर, तहसील स्तर पर 200 शाहीनबाग शुरू हुए हैं। यवतमान में भी 1 फरवरी से महिलाओं का शांतीपूर्ण बेमियादी धरना-आंदोलन शाहीनबाग की तर्ज पर शुरू किया जा रहा है। इस आंदोलन के माध्यम से सी.ए-ए. कानुन रद्द करने, एन.आर.सी., एन.पी.आर. को रोक देने, जे.एम.यु., ए.एम. यु., जे.एन.यु. के छात्रों पर हुए हमले की जांच करने आदि मांगों के लिए स्थानीय छोटी गुजरी स्थित पुरानी अंजुमन शाला के प्रांगण में 1 फरवरी से महिलाएं धरना आंदोलन शुरू करेंगी। इस आंदोलन में मुस्लिम, अनुसूचित जाती- जनजाति और अन्य धर्मों की महिलाएं भी शामिल होंगी, ऐसी जानकारी यवतमाल शाहीनबाग आंदोलन कमेटी द्वारा दी गई है। संवैधानिक तरीके से हो रहे महिलाओं के इस शांतीपूर्ण बेमियादी धरना आंदोलन को संविधान प्रेमी नागरिक सहयोग करें ऐसा आह्वान किया गया है।
