महाराष्ट्र समेत पूरे देश में आॅनलाइन ठगी का सिलसिला जारी, धुलिया शहर के महाविद्यालय के प्राचार्य के बैंक खाते से ठगों ने उडाए 48 हजार रुपये | New India Times

अब्दूल वहीद काकर, धुलिया ( महाराष्ट्र ), NIT; ​महाराष्ट्र समेत पूरे देश में आॅनलाइन ठगी का सिलसिला जारी, धुलिया शहर के महाविद्यालय के प्राचार्य के बैंक खाते से ठगों ने उडाए 48 हजार रुपये | New India Times
धुलिया शहर में पिछले कुछ दिनों से भोले भाले लोगो से  बैंक कर्मी अथवा मैनेजर बताकर ठगी किए जाने की घटनाओं में दिन रात इज़ाफा हो रहा है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री मोदी भारत की जनता को कैशलेस होने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। वहीं दूसरी ओर जिस तरह से ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले बढ़ते जा रहा है उससे कैशलेस और डिजिटल इंडिया का सपना धूमिल होता नजर आ रहा है।
ताजा मामला धूलिया कुर्षी महा विधालय के प्राचार्य  का है। जानकारी के अनुसार प्राचार्य  के बैंक खाते से ठगों ने 48 हजार रुपये की ऑनलाइन खरीदारी कर ली। मोबाइल पर आए संदेश से  ठगी की जानकारी हुई। उन्होंने आजाद नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत की है।​महाराष्ट्र समेत पूरे देश में आॅनलाइन ठगी का सिलसिला जारी, धुलिया शहर के महाविद्यालय के प्राचार्य के बैंक खाते से ठगों ने उडाए 48 हजार रुपये | New India Timesयशवंत गड़बड़ फूल पगारे 49 वर्षीय कुर्षी महा विधालय मे प्राचार्य है उन्हें गुड़गांव से स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया कि शाखा प्रबंधक का फ़ोन कॉल उनके बीएसएनएल के नम्बर 9404116107 पर आता है जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए एटीएम कार्ड बंद होने की जानकारी दी। वह उसके झांसे में आ गईं और उसे बैंक खाता व एटीएम कार्ड संबंधित सारी जानकारी बता दी। शाम को करीब सात बजे के दौरान उनके मोबाइल पर  संदेश उन्होंने देखा तो पता चला कि उनके बैंक खाते से  48 हजार रुपये की ऑनलाइन खरीदारी  कुर्षी विश्व विद्यालय राहुरी की स्टेट बैंक के बचत खाते में से किसी अज्ञात व्यक्ति ने 48 हजार रुपये की ऑन लाइन शॉपिंग कर उन्हें चंपत  लगा दिया। रविवार की रात में आज़ाद नगर पुलिस चौकी में ऑन लाइन ठगी करने की शिकायत दी गयी । इस मामले में पुलिस ने अज्ञात ठग के ख़िलाफ़ मामला व40 / 2017 ईपीसी की 420 ,406 ,  धारो के साथ मामला दर्ज कर अगली जांच मै पुलिस जुटी है ।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.